अशोक अरोड़ा ने सरसों की खरीद को लेकर सरकार को घेरा, सीएम के बयान की कर दी निंदा

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 06 April, 2019
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा और पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के उस बयान की कड़ी निंदा की है जिसमें उन्होंने शत-प्रतिशत सरसों की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा किए जाने की घोषणा की है।
इनेलो नेताओं ने कहा कि यह बड़ी विडंबना है कि एक तरफ महेंद्रगढ़ के किसानों ने अपना विरोध जताने के लिए वहां की अनाज मंडी के गेट इस कारण बंद कर दिए क्योंकि पिछले तीन दिन से सरसों का एक भी दाना नहीं खरीदा गया और वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री किसान हितैषी होने का दावा करने के साथ शत-प्रतिशत खरीद की बात भी कर रहे हैं। वहां के किसानों का आरोप है कि वहां कई दिनों से उनकी सरसों पड़ी है और कोई भी सरकारी एजेंसी उसकी खरीद के लिए सामने नहीं आई। ऐसे में अधिकांश किसान अपनी फसल को औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर हुए हैं।
अरोड़ा और माजरा ने यह आशंका भी जताई कि अब जबकि अधिकांश सरसों की फसल निजी व्यापारियों के हाथों में किसान बेचने के लिए मजबूर किए जा चुके हैं, तब मुख्यमंत्री की यह घोषणा केवलमात्र उन्हीं व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए है जो किसानों से प्रत्यक्ष रूप से उसे खरीद चुके हैं। निजी व्यापारियों से ही उस फसल को खरीदकर अपने कागजों में सरकारी खरीद दिखाकर सरकार अपनी खानापूर्ति करना चाहती है। परंतु सच्चाई यह है कि न तो केंद्रीय एजेंसियों ने 40 प्रतिशत सरसों की खरीद की है और न ही राज्य सरकार ने शेष 60 प्रतिशत फसल की खरीद की है।
इनेलो नेताओं ने मुख्यमंत्री की इस बात का भी खंडन किया कि भाजपा सरकार फसल बीमा योजना को लागू कर किसानों के हितों में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अब यह सभी जानते हैं कि फसल बीमा का वास्तविक लाभ उन निजी बीमा कंपनियों को गया है जो भाजपा सरकार से नजदीकी संबंध रखती हैं। वास्तव में भाजपा और किसान हितों का आपस में दूर-दूर का भी रिश्ता नहीं है।

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