आधा पानी बच गया और पैदावार भी ज्यादा हुई, दिखने लगे है micro irriagtion के फायदे

खेत-खलिहान

हरियाणा सरकार का दावा है कि धान की फसल के लिए किए गए एक प्रयोग में जहां सूक्ष्म सिंचाई करने से 42.3 प्रतिशत पानी की बचत हुई, वहीं पैदावार में भी 11.65 प्रतिशत का फायदा हुआ है।

कुरूक्षेत्र जिला के संघौला माइनर पर इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए तीन एकड़ जमीन में धान की रोपाई की गई जिसमें एक एकड़ में फल्ड सिंचाई तथा 2 एकड़ में सूक्ष्म सिंचाई विधि द्वारा सिंचाई की गई। किसानों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

बाद में इसका अध्ययन काडा विभाग,किसानों एवं सूक्ष्म सिंचाई फसल विशेषज्ञों द्वारा किया गया जिसमें पाया गया कि सूक्ष्म सिंचाई करने से 42.3 प्रतिशत पानी की बचत हुई और पैदावार में भी 11.65 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

हरियाणा सरकार ने इस योजना की सफलता से उत्साहित होकर अब सूक्ष्म सिंचाई के क्षेत्र को आगे बढ़ाते हुए कुल 10 लाख एकड़ नहरी क्षेत्र को अगले 4 वर्षों में यह सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है।

सूक्ष्म सिंचाई योजना में सूक्ष्म सिंचाई के लिए किसानों को नहरी पानी प्रैशर के रूप में प्रदान किया जाएगा। यह देश की अपनी किस्म की पहली योजना है जिसमें सौर ऊर्जा और ग्रिड के माध्यम से ऊर्जा का आदान-प्रदान होगा।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत हरियाणा के नहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (काडा) द्वारा सूक्ष्म सिंचाई योजना का पायलट प्रोजेक्ट 13 जिलों के 14 गांवों में स्थापित किया जा रहा है जिस पर कुल 24.65 करोड़ रूपए की लागत आएगी। इससे करीब 2000 हैक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *