किसान बिचौलियों से बचें और अपनी पैदावार की मार्केटिंग स्वयं करें -ओमप्रकाश धनखड़

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हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण तथा विकास एवं पंचायत मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा है कि किसान बीच में डबल मुनाफा कमाने वालों से बचें। उन्होंने कहा कि यदि किसान अपने खेतों की पैदावार के लिए सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ेंगे तो उन्हें अधिक मुनाफा होगा। यदि किसान बिना किसी संकोच के उपभोक्ताओं तक स्वयं अपनी पहुंच रखेंगे तो इससे जहां एक तरफ किसान को अधिक लाभ होगा वहीं उपभोक्ताओं को भी ताजी सब्जियां मिलेंगी। उन्होंने कहा कि यदि बिचौलियों की मध्यस्थता को समाप्त कर दिया जाए तो किसान की आमदनी पहले की अपेक्षा तीन गुना बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि आज किसान को अपने खेतों की पैदावार को स्वयं बेचने की कला सीखने की जरूरत है।
धनखड़ ने आज फसल समूह विकास योजना का लांच गुरुग्राम जिला के गांव ऊंचामांजरा से किया। धनखड़ ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य बिचौलियों की मध्यस्थता को समाप्त करके किसानों की आय को दोगुना करना है।
धनखड़ ने कहा कि इस कलस्टर सैंटरों में खाद, दवा, बीज उपलब्ध करवाया जाएगा तथा किसानों के खेतों की पैदावार की ग्रेडिंग व पैकिंग की जाएगी। इस योजना के तहत प्रदेश के 340 गांवों में 140 कलस्टर बनाए गए है जिनमें प्रत्येक कलस्टर पर एक क्राप कलस्टर सैंटर बनाया जाएगा।
इन कलस्टर सैंटरों के माध्यम से किसानों की खेती की पैदावार को भी बेचने में मदद की जाएगी। इस अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हरियाणा के किसानों की मेहनत का ही परिणाम है कि हमारा प्रदेश गेंहू व धान में नंबर एक पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर साल लगभग 13 करोड़ क्विंटल अनाज को दूसरे राज्यों को सप्लाई करते हैं।
धनखड़ ने कहा कि भाजपा सरकार किसान हितैषी है और सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनके खेतो की पैदावार का अधिक से अधिक फायदा मिले। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही ओलावृष्टि प्रभावित इलाकों में 12000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जो आज से पहले किसी सरकार ने नही दिया। इतना ही नही, किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा भावान्तर भरपाई योजना की भी शुरूआत की गई।
भावान्तर भरपाई योजना के तहत रजिस्टे्रशन करने की तिथि बढ़ाकर 28 फरवरी की गई।

कृषि मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत टमाटर व प्याज के लिए किसानों के पंजीकरण की तिथि को बढ़ाकर 28 फरवरी कर दिया गया है। जिन किसानों ने अभी तक स्वयं को इस योजना के तहत पंजीकृत नही किया है वे स्वयं को पंजीकृत कर लें ताकि वे स्वयं को जोखिम मुक्त कर सकें। उन्होंने कहा कि भावान्तर भरपाई योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है ताकि सब्जी काश्तकारों को जोखिम मुक्त किया जा सके। उन्होंने उपस्थित किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक किसानो को इस योजना के बारे में जानकारी दें ताकि भविष्य में वे इस योजना का लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों का रजिस्ट्रेशन नि:शुल्क किया जाता है। इस योजना के तहत किसान स्वयं को स्मार्ट फोन के माध्यम से रजिस्टर्ड कर सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हरियाणा के किसानों की आमदनी को एक लाख रूपये प्रति एकड़ की सकल आमदनी पर ले आएं। पिछली सरकारों के कार्यकाल मेें 90 हज़ार हैक्टेयर भूमि में गन्ने का उत्पादन किया जाता था, जो अब बढक़र 2 लाख हैक्टेयर हो गया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की इच्छा है कि किसानों की आमदनी को बढ़ाकर दोगुना कर दिया जाएं और उसी दिशा में प्रदेश सरकार तेजी से अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि किसान पशुपालन, सब्जियों की खेती, मछली पालन व मुर्गी पालन व फूलो की खेती के माध्यम से अपनी आमदनी को और अधिक बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान ज्यादा आमदनी वाली खेती करें और बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर सीधे ग्राहक से जुड़े।

फलों-फूलों और सब्जियों की खेती कर और उसे खुद बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकतें हैं किसान

उन्होंने कहा कि गांव ऊंचा माजरा में शुरू किए गए क्राप कलस्टर सैंटर के आस पास पिकनिक स्पॉट बनाए और यहां आरडब्लयूए से संपर्क कर उन्हें यहां आमंत्रित करें। आरडब्लयूए प्रतिनिधियों को भी यहां आमंत्रित करें। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हम ऐसे स्थान पर रह रहें है जहां पर ग्राहकों से जुडऩे के अवसर अपेक्षाकृत अधिक है। उन्होंने आशा जताई कि गुरुग्राम का ऊंचामांजरा कलस्टर प्रदेश के अन्य कलस्टरों के लिए उदाहरण बनेगा।
इस अवसर पर पटौदी की विधायक बिमला चौधरी ने ‘खुद लगाओ, खुद बेचो’ का नारा मंच से दिया। उन्होंने कहा कि किसान युवाओं के माध्यम से ऑनलाइन भी सब्जी की बिक्री कर सकते हैं। किसान यदि चाहे तो इस कार्य में अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी शामिल कर इसे अपना व्यवसाय बना सकते है। उन्होंने कहा कि किसान आर्गेनिक खेती की एडवांस बुकिंग भी कर सकते हैं।

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