कैंसर से मरने वाले मरीजों में रोहतक पहले तो, यमुनानगर दूसरे स्थान पर

सेहत हरियाणा विशेष

हरियाणा जैसे छोटे और खुशहाल राज्य पर जानलेवा कैंसर का साया छा रहा है। राज्य में कैंसर तेजी से फैल रहा है। हालात इस कद़र है कि पिछले तीन साल में ही कैंसर से मरने वालों की संख्या में दो गुना से ज्यादा वृद्धि हुई है। प्रदेश के लिए यह बेहद चिंताजनक है।

जिलों के आधार पर बात करें तो रोहतक ऐसा जिला है, जिसमें कैंसर से सबसे अधिक लोगों की मौत हो रही है। जबकि यमुनानगर दूसरे नंबर पर आता है।

नई दिल्ली के मैक्स अस्पताल में मेडिकल ओंकोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डा. पीयूष वाजपेयी, सर्जिकल ओंकोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डा. सौरभ गुप्ता और ब्रेस्ट ओंकोलॉजी की सीनियर कंसल्टेंट डा. वेद पद्मा प्रिया का कहना है कि यह हालत चिंताजनक है।

हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही में सार्वजनिक की गई एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2013 में कैंसर से 1845 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2016 में यह आंकड़ा 3668 तक पहुंच गया है। देश में वर्तमान में करीब 30 लाख लोग कैंसर से पीडि़त हैं और हर साल पांच लाख लोगों की मौत हो जाती है।

डा. पीयूष वाजपेयी ने बताया कि प्रदेश सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार साल 2013 में हरियाणा में कैंसर के 11717 मरीजों की शिनाख्त की गई थी, वहीं साल 2016 में यह बढ़कर 16 हजार 180 तक पहुंच गई।

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार रोहतक में वर्ष 2016 में 553 लोगों की मौत हुई है। हालांकि इसका एक बड़ा कारण PGIMS में दूसरे जिलों व पड़ोसी राज्यों से इलाज के लिए मरीजों का आना भी हो सकता है।

उन्होंने कहा कि यमुनानगर में 532 और सोनीपत जिले में 315 कैंसर मरीजों की मौत हुर्ई है। वहीं आने वाले दो वर्षों में कैंसर के नए मामलों में 70 फीसदी तक वृद्धि होने की संभावना है। डा. सौरभ गुप्ता के अनुसार हरियाणा में रोहतक, करनाल, यमुनानगर, सोनीपत, फतेहाबाद, सिरसा, गुरुग्राम व फरीदाबाद जिलों को कैंसर के मामले में बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

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