क्या किसी की मदद करना और गलत के खिलाफ आवाज उठाना जुर्म है ?- बॉबी कटारिया

हरियाणा

गुरुग्राम में एक लड़की के अपहरण की लाइव वीडियो बनाकर और उस लड़की को बचाकर चर्चा में आए बॉबी कटारिया अब खुद कोर्ट में न्याय की गुहार लगा रहा है. फिलहाल बॉबी कटारिया पुलिस के शिकंजे में है।

गुरुग्राम निवासी बॉबी कटारिया ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। जिसमें पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मेडिकल करवाने की अपील की है। साथ ही कहा कि निचली अदालत में उसे वकील नहीं मिला।

बॉबी कटारिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया है कि उसे पुलिस ने अवैध हिरासत में रखा और इस दौरान उसके साथ बहुत ज्यादा टॉर्चर किया। अभी तक उसे लीगल एड के तहत वकील तक नहीं दिया गया।

बॉबी कटारिया कि ओर से एडवोकेट आरएस बैंस ने हाईकोर्ट में बताया कि बॉबी कटारिया ने जेल से दो दिन पहले ही पत्र लिखकर उन्हें इसकी जानकारी दी है कि उसको पुलिस हिरासत में काफी ज्यादा टॉर्चर किया गया है।

वह अब सही तरह से चल नहीं पा रहा है। टॉर्चर से उसे जो जख्म दिए गए हैं, वह चाहे बाहर से नहीं दिखाई दे रहे हैं। लेकिन अब एमआरआई के जरिये ऐसी तकनीक आ चुकी है, जिसमें अंदरूनी जख्म भी सामने आ जाते हैं। उसका एमआरआई करवाया जाए।

बैंस ने कहा कि बॉबी कटारिया कोई आतंकी, बलात्कारी या कोई अपराधी नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ एफआईआर पुलिस ने ही दर्ज करवाई है।

उसने शराब पीते पुलिस कर्मियों का वीडियो बनाकर अपलोड किया था और उसके बाद उसने एक स्कूली छात्रा जिसका एक पैर बस एक्सीडेंट में कट गया था उसके हक में आवाज उठाई थी।

इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल ने ही बॉबी कटारिया के खिलाफ धमकाने की शिकायत की है।

बैंस के अनुसार बॉबी कटारिया ने इंसाफ की मांग की थी जिसके बदले उसे हिरासत में डालकर टॉर्चर किया गया और उसे अभी तक अपना पक्ष रखे जाने के लिए लीगल ऐड के तहत वकील तक नहीं दिया गया है जबकि प्रत्येक को वकील उपलब्ध करवाए जाने के सुप्रीम कोर्ट के ही आदेश हैं।

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