खाद की किल्लत से परेशान किसान, लग रही है लंबी-लंबी कतार

खेत-खलिहान

प्रदेश में यूरिया की किल्लत अभी दूर नही हुई है। जरुरत के हिसाब से केंद्रों पर यूरिया नही पहुंच रही हैं। खाद की किल्लत और खेत के काम ने किसानों को इस कद़र मजबूर किया हुआ है कि उन्होंने खाद के लिए लंबी लाईनों में अपनी घर की औरतों और बेटियों को लगाया है।

मामला चरखी दादरी का है जहां एक किसान ने तो अपनी दो बेटियों की स्कूल तक से छुट्टी करवानी पड़ी और दोनों बेटियां खाद के लिए आधार कार्ड हाथ में लेकर सुबह 8 बजे से लाइन में लग गई थी। मगंलवार को एक आधार कार्ड पर मात्र दो बैग यूरिया के दिए जा रहे है। किसान गेहूं की फसल में दो बार सिचांई कर चुके है। और सिचांई के तुंरत बाद यूरिया का छिड़काव करना होता है। यूरिया छिड़काव के अभाव में गेहूं की फसल में बढ़ोतरी भी रुक गई है तथा पीला पन आना शुरू हो गया है।

यूरिया की जरुरत का अंदाजा इस बात पर लगाया जा सकता है कि महिला अपने मासूम बच्चों को गोद में उठाकर लाइन में धक्के खाती रहती है। भले ही सरकार पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, मगर धरातल पर ऐसा कुछ नजर नही आ रहा है।

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