जाट समाज की अधिकतर मांगें मानी गई है, तो अब आंंदोलन की जरूरत नहीं- सीएम खट्टर

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एक बार फिर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक की तरफ से 18 फरवरी से आंदोलन की चेतावनी दी गई है। जिस के बाद सरकार की तरफ से खुद सुबे के सीएम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करना सभी का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपने हक के लिए आवाज उठाना भी सभी काअधिकार है।

लेकिन जहां तक जाट समाज की मांगों की बात है तो उसमें से अधिकतर मांगें मान ली गई हैं। बाकी पर बातचीत के माध्यम से हल निकाला जा रहा है। ऐसे में दोबारा से आंदोलन का कोई औचित्य नहीं बनता।

सीएम ने कहा कि आरक्षण को लेकर एक्ट बन रहा है। ऐसे में हमें नहीं लगता है कि अब आंदोलन की कोई जरूरत है। तो वहीं मलिक गुट का कहना है कि जसिया में होने वाले कार्यक्रम में आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी।

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