ज्योति प्रकाश निराला को मरणोपरांत सबसे बड़ा सम्मान, अशोक चक्र

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शहीद गरुड़ कमांडो जेपी निराला को शांतिकाल के सबसे बड़े वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित करते हुए राष्ट्रपति कोविंद भी भावुक नजर आए। निराला को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया जिसे उनकी पत्नी ने राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त किया।

भारतीय वायुसेना के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी गरुड़ कमांडो को सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से नवाजा गया है। शहीद ज्योति प्रकाश निराला तीन महीने पहले ही आतंकियों के खिलाफ एक अभियान में कश्मीर के हाजिन में स्पेशल ड्यूटी पर तैनात थे।

आतंकियों से हुए एक मुठभेड़ में निराला ने अपनी जान की परवाह किए बेगैर दो टॉप आतंकियों को मार गिराया था जिसमें एक आतंकी आतंकी मसूद अजहर का भतीजा तल्हा रशीद भी था। शहीद निराला ने दो अन्य आतंकियों को घायल भी किया था। इस अभियान में कुल 6 आतंकी मारे गए थे।

शहीद निराला बिहार के रोहतास के रहने वाले थे। वे साल 2005 में वायु सेना में शामिल हुए थे। जेपी निराला के परिवार में पत्नी, एक बेटी, उनकी बहनें और माता-पिता हैं।

तो वहीं रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 69वें गणतंत्र दिवत के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 390 शौर्य एवं अन्य रक्षा सम्मान को मंजूरी दी है। शौर्य चक्र पाने वालों में सहायक कमांडेंट विकास जाखर और उपनिरीक्षक रियाज आलम अंसारी शामिल हैं, जो कोबरा के लिए कमांडो बटालियन की 209वीं बटालियन से संबंध रखते हैं। अशोक व कीर्ति चक्र के बाद शौर्य चक्र शांति के समय दिया वाला तीसरा सबसे बड़ा सम्मान है।

गणतंत्र दिवत के मौके की पूर्व संध्या पर सीआईएसएफ के 32कर्मियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डीआईजी एनजी गुप्ता, वरिष्ठ कमांडेंट वर्तुल सिंह, निर्विकार और पी प्रताप सिंह व निरीक्षक नरेश कुमार शामिल हैं। कांस्टेबल सत्येन सिंह और पीएम वर्मा को उत्तम जजीवन रक्षक पदक और जीवन रक्षक पदक से सम्मान किया गया है।

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