नकली पुलिस इंस्पेक्टर बनकर करता था ठगी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

चर्चा में हरियाणा विशेष

भिवानी सीआईए टीम ने एक फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को झूठ बोलकर ठगी करता है. अब आरोपी ने जेल में बंद एक व्यक्ति को छुड़वाने के लिए 50 हजार रुपये मांगे थे।

पुलिस के मुताबिक आरोपी रणधीर पुत्र उम्मेद सिंह झज्जर के बिठला गांव का रहने वाला है. आरोपी राजस्थान पुलिस की वर्दी और स्टार लगाकर रखता था और भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाता था. पुलिस ने आरोपी साल 2015 में भी गिरफ्तार किया था. लेकिन एक महीने की जेल के बाद आरोपी ने फिर से लोगों से ठगी शुरु कर दी।

आरोपी खुद को राजस्थान पुलिस का इंस्पेक्टर बताता था और बेल्ट नंबर 845 लगाया हुआ था. 1961 में जन्मे रणधीर सिंह ने फर्जी पहचान पत्रों के मुताबिक 1976 में यानि 15 साल की उम्र मं ही इंस्पेक्टर बन गया था. पिछले 6-7 सालों से यह ठगी कर रहा था।

आरोपी राजस्थान पुलिस में नौकरी दिलवाने के नाम पर भी बेरोजगार युवकों से 6 से 7 लाख रुपये लेता था. वहीं राजस्थान का रिहायशी प्रमाण पत्र बनवाकर देने के लिए 20 से 25 हजार रुपये ऐंठता था, और फरार हो जाता था।

अब आरोपी ने महम के चंद्र भैणी गांव के एक युवक को अपने जाल में फंसाया था. उसने युवक के पिता को जेल से छुड़वाने के लिए 50 हजार रुपये मांगे थे, लेकिन जब युवक को शक हुआ तो पुलिस को सूचित किया गया।

सीआईए पुलिस के एसआई भूषण कुमार ने बताया कि आरोपी रणधीर सिंह को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी के कब्जे से फर्जी वर्दी, स्टार, दो नकली मोहर और फर्जी पहचान पत्र बरामद किये गए है।