प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां 3153 करोड़ के घाटे में

हरियाणा

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में 718 प्राथमिक कृषि सरकारी समितियां बंद होने के कागार पर है। आने वाले दिनों में दिनों में लोगों को लोन मिलना तो दूर, समिति के कर्मचारियों को वेतन मिलने के भी लाले पड़ सकते हैं।

लाखों रूपये खर्च कर बनाई गई अधिकतर समितियों की बिल्डिंग भी गिरने की कगार पर है। इन समितियों के पास बिल्डिंग की मरम्मत करवाने के लिए पैसे नहीं हैं। इसका मुख्य कारण लोगों को दिए गए लोन लोन की रिकवरी न आने का कारण है।

प्रदेश की 672 समितियां 3153.57 करोड़ रूपये के घाटे में है। रिकवरी न आने से लोग व समिति राजनीति का शिकार हो रहे हैं। चुनाव का समय आते ही सभी राजनीतिक पार्टियां कर्जे माफी की घोषणा कर देती है। माफी के चक्कर में लोग लोन भरना बंद कर देते हैं।

सरकार के ऐसी नीति अपनानी चाहिए , जिससे समितियों की रिकवरी भी आ जाए और लोगों को भी कर्जा मुक्ति मिल जाए। इसका एक ही उपाय है कर्जा माफी या सरकार ओटीएस स्कीम लगाए।

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