मार खाए बन्दर और माल खाए मदारी- अन्ना हजारे

हरियाणा हरियाणा विशेष

22 साल में 12 लाख किसानों ने आत्महत्या की। किसान की हालत ऐसी हो गई है कि किसान के पास झोंपड़े नहीं और घर भर रहे हैं दूसरों के।

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने चंदावली गांव स्थित आईएमटी शिलान्यास स्थल पर जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने 23 मार्च को दिल्ली में होने वाले आंदोलन में शामिल होने के लिए लोगों का आहान किया।

इस दौरान अन्ना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें उद्योगपतियों की सरकार नहीं चाहिए। हमें ऐसी सरकार चाहिए जिसके दिमाग में उद्योगपति नहीं किसान हो।

हजारे ने कहा कि आजादी के 70 साल बीत गए, लेकिन वह लोकतंत्र आज तक तैयार नहीं हुआ जो जनता के हित की सोचे और जनता के लिए हो।

अब तो गोरे देश छोड़ कर चले गए, कालों ने राज कर लिया। हजारे ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि चुनाव से पहले उन्होंने आश्वासन दिया था कि हम सत्ता में आने के बाद 30 दिन में विदेश से कालाधन वापस लाएंगे और हर आदमी के खाते में 15 लाख रुपये जमा करेंगे।तो लोग इस पर खुश हुए और जमकर वोट दिए।

सरकार बन गई पर अब तो 3 वर्ष हो गए, 15 लाख रुपये भी जमा नहीं हुए। मैं तो फकीर हूं, मेरे क्या किसी के खाते में रुपये नहीं आए। मोदी ने बोला था कि हम सत्ता में आते हैं तो प्रभावी लोकपाल को लागू करेंगे, जो लोकपाल करप्शन को कम करेगा, लेकिन मोदी सरकार ने धारा 44 में संशोधन कर लोकपाल को निर्बल कर दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *