ये तो पानीपत हो गया– कुछ इस तरह महाराष्ट्र में हार का मतलब जाना जाता है

Breaking चर्चा में राजनीति हरियाणा हरियाणा विशेष

ये तो पानीपत हो गया– कुछ इस तरह महाराष्ट्र में हार का मतलब जाना जाता है

1761 में पानीपत की धरती पर मराठा सेना और अफगानिस्तानी लुटेरे अहमद शाह अब्दाली के बीच ऐसा भीषण युद्ध हुआ जिसे मराठी आज तक नही भूल पाएं हैं। इस युद्ध में मराठा सेना को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि अब्दाली सेना को भी जान- माल का भारी नुकसान हुआ था और अब्दाली की इतनी क्षति हुई थी कि उसकी हिम्मत नही हुई कि वो दिल्ली के सिंहासन पर कब्जा कर सके इसलिए वो सिधा अफगानिस्तान लौट गया था। इस युद्ध में हुए भारी नुकसान को देखते हुए इतिहासकारों ने पानीपत के तीसरे युद्ध को 18वीं शताब्दी के सबसे खतरनाक युद्धों की श्रेणी में शामिल किया था।
256 साल बाद भी मराठी जनमानुष पानीपत में हुए इस युद्ध को आज तक नही भूला पांए हैं। इसका एक बहुत बड़ा कारण यह भी है कि पानीपत की धरती में हुए इस युद्ध में शायद ही कोई ऐसा मराठी परिवार हो जिसका सदस्य युद्ध में शहीद ना हुआ हो। इसलिए आज भी महाराष्ट्र में खेल हो या चुनाव या फिर कोई और हार का मामला। हार होने पर लोग यह नही कहते कि हार हुई है, आज भी मराठी कहते है कि यह तो पानीपत हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *