राम भरोसे शिक्षा प्रणाली, कुल पद 1,28,791 में खाली पड़े 52675

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स्कूलों में पेपर सिर पर है, लेकिन हरियाणा के कई सरकारी स्कूल में तो अध्यापक ही नहीं है। 10 वीं और 10 वीं की परिक्षाओं को कैसे पार किया जाए, किस तरह बच्चे अपने उज्जवल भविष्य की कामना करे। क्योंकि बिना शिक्षक के पेपरों में पास नहीं हुआ जा सकता है।

बता दें कि हरियाणा में कुल 14 हजार 373 स्कूल है। जिनमें शैक्षणिक स्टाफ के 1 लाख 28 हजार, 791 पदों को सरकार से स्वीकृती है। लेकिन इसके बावजूद 58 हजार से ज्यादा के पद खाली पड़े है।

लेकिन 13500 गैस्ट टीचरों की तो मदद ली जा रही है, जो इऩ सब के लिए काफी नहीं है। वहीं 3500 स्कूल में तो स्कूल के मुखिया ही नहीं जिस कारण स्कूल की व्यवस्था पूरी तरह ठप है। जिस वजह से स्कूलों का परिणाम बुरी तरह से गिरता हुआ जा रहा है। औऱ भविष्य अंधकार में है।

शहरों की बजाए गांवो का तो और भी बुरा हाल है। सीनियर सेकेडंरी स्कूलों में तो 13000 लेक्चरर के पद खाली पड़े है। अधिकतर स्कूलों में तो लाईब्रेरी ही नही है।
दुर्दशा का आलम ये है कि जो अध्यापक है उनसे वोटर लिस्ट, जनगणना, सर्वे, चुनावों में डयूटी का काम भी लिया जा रहा है। जो हम किस तरह से पढ़ेगा भारत का सपना साकार कर सकते है।

हरियाणा में जो पद सरकार द्वारा स्वीकृत है और उनमें तैनाती इस प्रकार है-
1.जेबीटी के 38804 स्वीकृत है, जबकि खाली 14836
2. मुख्य शिक्षक 5440 स्वीकृत है, खाली 3360
3. सीएंडवी 19121 स्वीकृत है, खाली 7252
4. मास्टर 18757 स्वीकृत, खाली 8238
5. मौलिक मुख्याध्यापक 5548 स्वीकृत, खाली 2350
6. लेक्चरर 37261 स्वीकृत, खाली 15333
7. वोकेशनल इंस्ट्रेक्टर 276 स्वीकृत, खाली 17
8. वोकेशनल लेक्चरर 210 स्वीकृत, खाली 72
9. हैड़मास्टर 1291 स्वीकृत, खाली 851
10. प्रिंसिपल 2083 स्वीकृत, खाली 366
कुल पद 1,28,791 है, खाली 52675 है

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