हक के लिए जौहर करती प्रदेश की आशा वर्कर्स

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लाल रंग के अनेको मायने है। पर आजकल लाल रंग जौहर का प्रतीक बनता जा रहा है। वो जौहर जो हक के लिए आजकल प्रदेश में आशा वर्कर्स कर रही है। 4 दिन के शांतिपूर्ण धरने के बाद अब जेल भरो आंदोलन का सहारा लिया गया। इस विरोध प्रदर्शन में इतनी ज्यादा महिलाएं इकट्ठी हो गईं कि गिरफ्तार करके ले जाने के लिए पुलिस के पास बसें कम पड़ गई।


आठ से अधिक मांगें मनवाने के लिए 11 ट्रेड यूनियनों और अपने विभागों के संगठनों के बैनर तले सात सरकारी विभागों के 55 हजार से अधिक कर्मचारियों ने मंगलवार को पूरे हरियाणा के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करके गिरफ्तारी दी। गुरुग्राम में 20,000 से अधिक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और गिरफ्तारी दी। इसमें काफी संख्या में निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी शामिल रहे।


कर्मचारियों के जेल भरो आंदोलन में कई जिलों में इतने कर्मचारी गिरफ्तारी देने पहुंचे कि प्रशासन बस तक की व्यवस्था नहीं कर पाया। इस कारण सैकड़ों कर्मचारी पैदल ही पुलिस लाइन में बनी अस्थायी जेल तक पहुंचे। इससे कई जिलों में जाम की स्थिति बन गई। अधिकतर जिलों में प्रदर्शन करने वालों में आशा और आंगनबाड़ी वर्करों की संख्या अधिक रही।


जिन मांगो को लेकर आशा वर्कर्स और 11 ट्रेड युनियन जेल भरो आंदोलन कर रही है उनमें-
1. न्यूनतम वेतन 18000 प्रतिमाह हो।
2. स्थायी काम स्थायी रोजगार दिया जाए।
3. कच्चे/ठेका कर्मियों को पक्का किया जाए व ठेका प्रथा पर रोक लगे।
4. श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव वापस लिए जाएं।
5. आशा मिड डे मील वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, ग्रामीण चौकीदारों, सफाई कर्मियों को पक्का किया जाए।
6. मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए
7. निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों को श्रम कल्याण बोर्डों की सुविधाएं दी जाएं।
8. सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगे।


हड़ताल से जो विभाग सबसे ज्यादा प्रभावित रहे जिनमें काम बाधित रहा वह है:
हरियाणा शिक्षा बोर्ड, बिजली निगम, जन स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और परिषद, स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यालय, पीडब्ल्यूडी।

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