हरियाणा में कैंसर की भयावह स्थिति, 39.6 फीसदी मामलों के साथ पहले स्थान पर

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भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में कैंसर के सबसे अधिक मामले हरियाणा में दर्ज किए गए हैं। बावजूद इसके सरकार इसे रोकने में विफल हो रही है। पिछले साल के आंकड़ों को देखे तो करीब 39.6 फीसदी मामलों के साथ हरियाणा पहले स्थान पर रहा।

इसका मुख्य कारण खेती में उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल और आरामदेह जीवन शैली हरियाणा के लोगों को कैंसर की ओर धकेल रही है। पिछले पांच साल में ही प्रदेश में करीब सात हजार नए लोग कैंसर से पीडित हुए है। इस से मरने वालो का सख्या भी 2 गुना हुई है। वहीं महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर तो पुरुषों में फेफड़ों और गले का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है।

जहरीले होते पानी और खाद्य सामग्री के चलते अचानक बढ़ी बीमारी का मामला हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी उठ चुका। अकेले 2016 में ही प्रदेश में कैंसर से पीडि़त 3668 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। रोहतक में 553, अंबाला में 169, फरीदाबाद में 108 और हिसार में कैंसर से 553 लोगों की मौत हुई। इसी तरह जींद में 394, सोनीपत में 490, यमुनानगर में 532, सिरसा में 315, गुरुग्राम में 180 और फतेहाबाद में 315 कैंसर से पीडित हुए।

वर्ष मरीज मौतें
2013 11,717 1845
2014 11,776 2715
2015 13,697 3317
2016 16,180 3668
2017 19,385 3987

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