हरियाणा में सरकारी इंजीनियरों की नौकरी खतरे में

हरियाणा विशेष

डीम्ड यूनिवर्सिटी से डिस्टेंस एजुकेशन के तहत डिग्री लेकर हरियाणा में सरकारी नौकरी कर रहें सैकड़ों इंजीनियरों को अपनी नौकरी और प्रमोशन से अब शायद हाथ धोना पड़ सकता है। सुप्रीमकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए राज्य के प्रधान सचिव डीएस ढेसी ने विभिन्न विभागों को ऐसे इंजीनियरों के खिलाफ कारवाई करने को लिखा है।
सुप्रीमकोर्ट ने पिछले साल 3 नवंबर को एक केस में पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए कहा था कि डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से ली गई बीटेक डिग्री को कैम्पस में क्लासें लगाने वालों को यूनिवर्सिटी से मिली नियमित डिग्री के बराबर नहीं माना जा सकता।
राज्य के प्रशासनिक सचिवों को आदेश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा है कि 2001-2005 के शैक्षणिक सत्र में इंजीनियरिंग करने वालों की डिग्री तब तक निलंबित रहेगी, जब तक वह एआईसीटीई और यूजीसी की देखरेख में होने वाली परीक्षा पास नही कर लेते। ऐसे इंजीनियरों को परीक्षा पास करने के 2 मौके दिए जाएंगे। अगर इसमें असफल रहते है तो उन्हें नौकरी से हटा दिया जाएगा। और साथ ही प्रमोशन के लाभ भी उनसे वापस ले लिए जाएंगे। 2001-2005 के शैक्षणिक सत्र के बाद डिग्री -डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेने वाले कर्मचारियों की नौकरी तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी जाएगी। अगर ऐसी डिग्री के आधार पर प्रमोशन मिला है, तो उसे भी वापस ले लिया जाएगा।

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