दुनिया को अलविदा कह, हिमाचल की बेटियां छोड़ गई अपनी मिसाल

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हिमाचल की बेटियां दुनिया को अलविदा कह, छोड़ गई अपनी मिसाल
हिमाचल प्रदेश की बेटियां भले ही दुनिया को अलविदा कहकर चली गई हो, लेकिन लोगों के दिलों में उनकी मिसाल हमेशा कायम रहेगी।

क्योंकि उन्होंने जो काम किया है, वो किसी फरिश्ते से कम नहीं है। दुनिया से जाते-जाते इन बेटियों ने दूसरे मरीजों को अपनी किडनियां देकर नई जिंदगी दी है। पीजीआई में रविवार को मंडी की 21 वर्षीय किरण और हमीरपुर की 48 वर्षीय सुरेष्ठा कुमारी की किडनियां तीन मरीजों को ट्रांसप्लांट की गई।

मंडी की किरण आठ मार्च को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। हालत में सुधार न होने से डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया, लेकिन उसकी जिंदगी नहीं बचाई जा सकी। ऐसे में परिजनों ने उसके अंग दान करने का फैसला लिया, ताकि उसके अंग दूसरों को नई जिंदगी दे सके।

रविवार को किरण की दोनों किडनियां दो मरीजों को ट्रांसप्लांट की गई। वहीं हिमाचल के हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के गांव भरमौरी की 48 वर्षीय सुरेष्ठा की भी मरणोपरांत किडनी मरीज को ट्रांसप्लांट की गई।

उनके पति स्वरूप सिंह ने बताया कि सुरेष्ठा के दिमागी रक्तस्त्राव हो गया था। उसका मोहाली के फोर्टिस में इलाज चल रहा था। फिर पत्नी के अंग दूसरे मरीजों को देने का फैसला किया। अब सुरेष्ठा की किडनी और दो कार्निया दूसरे लोगों की जिंदगी का अंधेरा दूर कर रही है।

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