हर 4 में से 1 बच्चा है डिप्रेशन का शिकार : WHO रिपोर्ट

चर्चा में युवा सेहत

Yuva Haryana

Haryana, 05-04-2018

बच्चों में शारीरिक और मानसिक विकास के दौरान कई तरह की अवस्थाएं आती हैं और इस क्रम में कई बार उनका उदास, परेशान या चिड़चिड़ा होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर यह उदासी लंबे समय तक बनी रहे, तो यह डिप्रेशन का लक्षण हो सकता है।

World Health Organization की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 13 से 15 साल की उम्र का हर 4 में से 1 बच्चा डिप्रेशन यानि अवसाद का शिकार है। सिलेबस का बर्डन, बच्चों को समय नहीं दे पाना, खेल-कूद एक्टिविटी नहीं होना, बच्चों को समझ नहीं पाना बच्चों में डिप्रेशन पैदा कर सकता है।

इसी तरह अन्य आंकड़ो पर यदि गौर करें, तो स्वास्थ्य सुविधाओं और फिटनेस के मामले में भारत की स्थिति चिंताजनक है। पूरे विश्व में करीब 1 अरब लोग High Blood Pressure से पीड़ित हैं। भारत में हर 5 में से 1 व्यक्ति High Blood Pressure से पीड़ित हैं। यदि स्थिति यूँ ही रहती है, तो 2025 तक  के मरीजो की संख्या लगभग 21 करोड़ हो जाएगी।

बच्चों को डिप्रेशन से दूर रखने के लिए उनके लिए समय निकालें और उनकी बातें ध्यान से सुन समझकर समस्याओं का समाधान करें। बच्चों को छोटी-छोटी बातों गलतियों पर अनावश्यक डांटे पड़ताड़ित नहीं करें। बच्चों का मन बहुत नाजुक कोमल होता है। बच्चे मासूम होते हैं। घर का माहौल – परवरिश बच्चों के भविष्य को निधारित करता है। जिस तरह की परवरिश होती है। बच्चों का विकास उसी तरह से होता है।

 

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