151 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने पहुंचे सीएम, कन्या भ्रूण हत्या रोकने की दिलवाई शपथ

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Ajay Lohan, Yuva Haryana
Narnoud, 17 Dec, 2018
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मानव जन्म लेकर भी यदि मन में समाज के जरूरतमंद व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता और परमार्थ की भावना न हो तो ऐसे मानव जीवन को संपूर्ण नहीं कहा जा सकता है। मुख्यमंत्री आज हिसार के गांव खांडा खेड़ी में वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु द्वारा आयोजित 151 बेटियों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम के पहले दिन बतौर मुख्यातिथि उपस्थितजन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आज विवाह बंधन में बंधे 60 नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की और इस आयोजन के लिए वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व परममित्र मानव निर्माण संस्थान के प्रयासों की दिल खोलकर सराहना की। 
मुख्यमंत्री ने गांव खांडा खेड़ी में संस्थागत कार्यों के लिए अपने स्वैच्छिक कोष से एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि पहुंची महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कविता जैन व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने भी अनुदान स्वरूप 21-21 लाख रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं के तहत प्रत्येक नव विवाहित जोड़े को एक लाख एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता के चेक भी प्रदान किए। उन्होंने नव दंपतियों को कन्या भू्रण हत्या न करने, स्वच्छता को अपनाने तथा समाज सेवा के कार्यों में सहयोग की शपथ भी दिलवाई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 880 लाख रुपये की लागत से गांव भकलाना में बने आईटीआई भवन, 780 लाख रुपये की लागत से गांव राखी शाहपुर में बने आईटीआई भवन तथा माजरा प्याउ में 450 लाख रुपये से आईटीआई के नए खंड का उद्घाटन किया। उन्होंने सिसाय बोलान में 831 लाख रुपये से 8 एकड़ में बनने वाली आईटीआई तथा गांव खांडा खेड़ी में 34 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मुर्राह अनुसंधान एवं कौशल विकास केंद्र का शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि चौधरी मित्रसेन आर्य की परमार्थ की भावना से शुरू हुई सद्गुणों व सद्वृति की धारा आज समाज के बड़े हिस्से को सिंचित कर रही है। उनके सिद्घांतों व माता परमेश्वरी देवी की प्रेरणा से जो उदाहरण इस परिवार ने समाज के समक्ष रखा वह आज हम सबको प्रेरणा दे रहा है। उन्होंने कहा कि अपने लिए तो हर कोई जी लेता है। अपने शरीर की रक्षा और देखभाल तो मनुष्य व जानवर दोनों कर लेते हैं लेकिन मानव जन्म लेकर भी यदि हम समाज के वंचित व जरूरतमंद वर्ग की भलाई की भावना मन में न ला पाएं तो हमारा मानव जन्म लेना सार्थक नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि आज समाज को परम मित्र मानव निर्माण संस्थान जैसी चरित्र निर्माण करने वाली संस्थाओं की बहुत जरूरत है, क्योंकि अच्छे चरित्र का निर्माण किए बिना आदर्श समाज का निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने पिछले वर्ष 63 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह करवाया था और इस वर्ष इस संख्या में दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ोतरी होने पर मुझे बहुत खुशी है। उन्होंने कहा कि 151 बेटियों के सामूहिक विवाह का यह आयोजन संभवत: हरियाणा में आज तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार ने अपना पिछला बजट 1.15 लाख करोड़ रुपये का पेश किया था जो पूर्ववर्ती सरकार के अंतिम बजट से लगभग दोगुना था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धन की कमी पहले भी नहीं थी, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों के समय यह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। लेकिन वर्तमान सरकार ने प्रदेश के सभी 90 हलकों का समान विकास करवाकर ‘सबका साथ सबका विकास’ के अपने नारे को सार्थक किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू किए गए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान में प्रदेश के हर वर्ग के सहयोग के चलते आज प्रति हजार बेटों पर बेटियों की जन्म दर 850 से बढक़र 921 हो गई है। वर्तमान सरकार बनने के समय प्रदेश में एक महिला थाना था लेकिन सरकार ने प्रत्येक जिला व उपमंडलों में 29 महिला थाने खोले हैं जहां महिलाओं की सहायता के लिए सभी महिला कर्मी तैनात हैं। बेटियों को छेडख़ानी की घटनाओं से बचाने के लिए दुर्गा शक्ति रैपिड एक्शन फोर्स का गठन करते हुए दुर्गा एप्प बनाया गया है। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को चूल्हे के धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए घर-घर तक गैस सिलेंडर पहुंचाए गए हैं और 26 जनवरी,2019 तक हर घर तक गैस सिलेंडर पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल गुजरात का कार्यक्रम स्थगित करके बेटियों को आशीर्वाद देने इस विवाह समारोह में पहुंचे हैं। पिछले वर्ष भी वे इस प्रकार के आयोजन में हम सबको अपना आशीर्वाद देने आए थे। उन्होंने बेटियों के सामूहिक विवाह के आयोजन की जिम्मेदारी मिलने पर परमात्मा और इन बेटियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खांडा खेड़ी और उनका स्वयं का घर इन बेटियों का मायका रहेगा। उन्होंने नव विवाहित बेटियों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों की शादी में भात भरने के लिए भी उन्हें याद करेंगी तो यह बेटियों का मुझ पर अहसान होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार समाज के सुधार और इसे सही दिशा देने में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही है। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे सामाजिक अभियान चलाकर समाज में नई चेतना पैदा की गई है। इसी का परिणाम है कि हमारी बेटियों ने हर क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रौशन किया है। उन्होंने बताया कि वैदिक संस्कृति और आर्य समाज के प्रभाव वाले इस इलाके में बच्चों की पढ़ाई के लिए एक भी कॉलेज नहीं था लेकिन वर्तमान सरकार ने यहां कई शिक्षण संस्थान खोले और अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण करवाया है। इतना ही नहीं सरकार ने सडक़ों व नहरों को भी ेेेनया जीवन दिया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने कन्यादान को महादान बताया। उन्होंने कहा कि आज इतनी अधिक संख्या में जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का कन्यादान करके वित्त मंत्री ने एक नया उदाहरण समाज के समक्ष प्रस्तुत किया है। बेटी के जन्म के साथ ही उसके मां-बाप के मन में यह सोच भी पैदा हो जाती है कि बेटी का विवाह भी करना है। जरूरतमंद व गरीब वर्ग को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने बेटियों की सुरक्षा के लिए हरियाणा की धरती से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की जिसके बेहतर परिणाम आज हम सबके सामने हैं। इसी के चलते आज बेटियों के संबंध में प्रदेशवासियों की सोच में भी बदलाव आया है। उन्होंने नवनिवाहित जोड़ों के सुखद भविष्य की कामना करते हुए उन्हें सरकार की कौशल विकास व ऋण योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि परमात्मा ताकत व सामथ्र्य तो बहुत लोगों को देता है लेकिन इनका इस्तेमाल समाज हित में करने का जज्बा सबमें नहीं होता। वित्त मंत्री के मन में इस भावना और ताकत का पैदा होना उन पर परमात्मा की अपार कृपा का उदाहरण है जिसके माध्यम से गरीब की बेटियों को सम्मान देने का विशेष उपक्रम उनके द्वारा किया गया है। उन्होंने नवदंपतियों का जीवन मंगलमय होने की कामना की।
परममित्र मानव निर्माण संस्थान के अध्यक्ष कैप्टन रूद्रसेन ने बताया कि इस संस्थान की स्थापना उनके दिवंगत पिता चौधरी मित्रसेन आर्य द्वारा 21 वर्ष पूर्व 1997 में की गई थी। उन्होंने संस्थान द्वारा पिछले एक वर्ष के दौरान करवाए गए समाजहित के कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए नव विवाहित बेटियों से आह्वान किया कि वे उनके घर को आगे भी अपना घर समझें।
सामूहिक विवाह समारोह में नव दंपतियों को अल्मारी, गैस सिलेंडर व चूल्हा, कुर्सी, मेज, चादर, तकिया, कंबल, सिलाई मशीन, आभूषण, कूलर, चटाई, कपड़े व अन्य घरेलू सामान दिया गया। बारातियों व अन्य उपस्थितगण के लिए देसी घी के पकवान व भोजन की व्यवस्था की गई थी।

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