सिरसा में दो सरपंच सस्पेंड,फर्जी मामले में किया गया निलंबित

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लोग हमेशा अपने फायदे के लिए फर्जी काम को अपनाते हैं। सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी इस तरह के मामले नहीं रुक पा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है सिरसा के गांव चक्का से,जहां के सरपंच को आठवीं कक्षा के शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र में गड़बड़ी पाए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रीतपाल सिंह ने इस बात की जानकारी दी है।

उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने गांव कंगनपुर की सरपंच सुखजिंद्र कौर को उसकी आठवीं कक्षा के शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र में गड़बड़ी पाए जाने पर निलंबित किया  है। वहीं दूसरी ओर गांव चक्का के सरपंच महेंद्र नारायण को गांव के जलघर में खड़े वृक्षों को बिना स्वीकृति कटवाकर बेचने के आरोप पर निलंबित कर दिया है।

निजी सुनवाई के दौरान सरपंच ने ऐसा कोई भी दस्तावेज या प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया, जिससे यह माना जा सके कि सरपंच का आठवीं कक्षा का शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र वैध है। उन्होंने बताया कि सभी तथ्यों व रिकार्ड का अवलोकन करने उपरांत उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने गांव कंगनपुर की सरपंच सुखजिंद्र कौर को निलंबित कर दिया है।

जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रीतपाल सिंह ने बताया कि इस मामले को लेकर उक्त सरपंच के विरुद्ध एफआईआर दर्ज थी जिसकी जांच उपमंडलाधीश ऐलनाबाद ने की थी और उस जांच रिपोर्ट के आधार पर सरपंच को निलंबित किया गया है।

सुनवाई के दौरान सरपंच ने बताया कि जलघर से पेड़ काटने के लिए थाना रानियां में जो एफआईआर दर्ज हुई थी, वह रणजीत सिंह नाम के व्यक्ति के विरुद्ध थी, लेकिन चक्का निवासी बृजलाल के कहने पर रणजीत सिंह ने उसका नाम भी अपने ब्यानों में ले लिया, जिससे उसे अंदेशा था कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है, इसलिए उसने माननीय उच्च न्यायालय से अपनी अग्रीम जमानत करवा ली है। अब यह मामला ऐलनाबाद कोर्ट में चल रहा है।

 

 

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