20 साल में 70 तबादलों को झेल चुके IAS कासनी को 6 महीने से वेतन नहीं मिला, बिना वेतन रिटायर होंगे कासनी

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तबादलों को लेकर चर्चा में रहने वाले IAS ऑफिसर प्रदीप कासनी एक बार फिर चर्चा का विषय बने हुए है। इस बार हरियाणा सरकार ने कासनी को 24 अगस्त को लैंड यूज बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रुप में तबादला किया था। तब से कासनी लेकर कासनी अपने वेतन, गाड़ी और दफ्तर की लड़ाई लड़ रहे है। कासनी से सरकार ने गाड़ी, दफ्तर आदि की सुविधा छीन ली थी। जिसके लिए कासनी ने बोर्ड से भी गुहार लगाई थी कि सरकार ऐसा क्यूँ कर रही है।

हरियाणा सरकार से जवाब नहीं मिलने पर कासनी ने आरटीआइ लगाई, जिसके जवाब में सरकार ने माना कि लैंड यूज बोर्ड वर्ष 2008 से अस्तित्व में ही नहीं है। साल 2007 में यह पर्यावरण विभाग के अधीन था। बाद में इसे कृषि विभाग के अधीन लाया गया, लेकिन कृषि विभाग ने केंद्र सरकार को इस विभाग को बंद करने का प्रस्ताव भेजा, जो मंजूर हो चुका था।

इसके बावजूद भी हरियाणा सरकार ने कासनी को इस बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर तैनात कर दिया। इस पर कासनी अपने वेतन और भत्तों के लिए जब हाईकोर्ट गए तो उन्हें सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) में जाने की सलाह दी गई। कैट ने कासनी के वेतन और भत्तों के बारे में हरियाणा सरकार से जवाब मांगा हुआ है। इस केस में सुनवाई 7 मार्च को होगी, तब तक कासनी रिटायर हो चुके होंगे। कानूनी प्रावधान के अनुसार यदि कासनी केस जीते तो हरियाणा सरकार को उन्हें वेतन और भत्तों के साथ 18 फीसदी ब्याज भी देना होगा।

बता दें कि हरियाणा आइएएस आफिसर्स एसोसिएशन का चाय का प्रस्ताव कासनी ने ठुकरा दिया है। मुख्य सचिव डीएस ढेसी एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। कासनी ने कहा, रिटायरमेंट पर कुछ साथियों का फोन आया था। चाय पिलाने की बात कह रहे थे। मैंने उन्हें कहा कि आप ही मेरे घर आ जाइए। मैं खुद आपको चाय पिलाता हूं। कासनी की नाराजगी एसोसिएशन के प्रति साफ दिखाई दी। उनका कहना है कि यदि एसोसिएशन वास्तव में मेरे हक में थी तो मेरी लड़ाई लड़नी चाहिए थी।

 

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