#World_No_Tobacco_Day एक सिगरेट करती है ज़िंदगी के 11 मिनट्स कम, तंबाकू से 2739 लोग रोज मरते है

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Gourav Sagwal, Yuva Haryana

Chandigarh

आज  World No Tobacco Day है। यह दिन हर साल 31 मई को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के लिए या लोगों को बचाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तंबाकू और धूम्रपान से होने वाली बीमारियों और मौतों को रोकने के लिए इस साल की थीम ‘टोबेको और कार्डियो वेस्कुलर डिसीज’ रखी है।

वहीं आंकड़ों के अनुसार देश में करीब 2739 लोग तंबाकू और धूम्रपान से होना वाली  कैंसर व अन्य बीमारियों से हर रोज मर रहे है। वहीं अकेले मध्यप्रदेश में यह आंकड़ा 348 है।

ग्लोबल एडल्ट तंबाकू सर्वेक्षण 2016-17 के अनुसार भारत में धुआं रहित तंबाकू का सेवन धूम्रपान से कहीं गुना ज्यादा है। आज के समय में 42.4% पुरुष, 14.2 % महिलाएं और वयस्कों में 28.8 % धूम्रपान करते हैं या फिर तम्बाकू खाते है।

आंकड़ों के अनुसार इस समय 19 % पुरुष, 2 % महिलाएं और 10.7 % वयस्क धूम्रपान करते हैं, जबकि 29.6 % पुरुष, 12.8 % महिलाएं और 21.4 % वयस्क तंबाकू खाते हैं। वहीं 19.9 करोड़ लोग धुआं रहित तंबाकू का उपयोग करते हैं जिनकी संख्या सिगरेट या बीड़ी का उपयोग करने वाले 10 करोड़ लोगों से कहीं अधिक हैं।

बता दें कि तंबाकू से लगभग 25 तरह की शारीरिक बीमारियां और लगभग 40 तरह के कैंसर हो सकते हैं। इनमें मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, फेफड़े का कैंसर, प्रोस्टेट ग्रंथि का कैंसर, पेट का कैंसर और ब्रेन ट्यूमर आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।

तंबाकू व धूम्रपान से हो रहे विभिन्न प्रकार के कैंसरों में विश्व में मुख का कैंसर सबसे ज्यादा होता है। तंबाकू के कारण 45 लाख लोग प्रतिवर्ष हृदय रोग से पीड़ित होते हैं और 40 लाख लोग प्रतिवर्ष फेफड़े से संबंधित बीमारियों से ग्रस्त होते हैं।

यानि सिगरेट हो या तंबाकू हर प्रकार का हमारे लिए हानिकारक है। वहीं एक रोचक तथ्य ये भी है कि फ्रांस में धूम्रपान करने वालों की संख्या में भारी गिरावट देखी गई है। यहां 2016 से 2017 के बीच 10 लाख से अधिक लोगों ने धूम्रपान करना छोड़ा है। लेकिन भारत में तंबाकू आज भी मौत का सबसे बड़ा कारण है।

 

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