बिना इजाज़त खरीद लिए 30 करोड़ के पाइप, अब विजिलेंस करेगा जांच

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 29 May, 2018
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2010-14 के दौरान गुरुग्राम नगर निगम में नियमों का पालन किए बिना 30 करोड़ रुपये के डीआई पाइप खरीद मामले की जांच राज्य चौकसी ब्यूरो से करवाने के निर्देश दिए हैं। 
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन के आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम गुरुग्राम में पाइपों की खरीद में अनियमितता को लेकर तत्कालीन वरिष्ठ उप-महापौर यशपाल बत्रा द्वारा शिकायत देकर जांच की मांग की गई थी। जिस पर विभागीय रिपोर्ट में तत्कालीन मुख्य अभियंता बी.एस. सिंगरोहा द्वारा लापरवाही बरतने से राजस्व हानि होने का मामला सामने आया। 
उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की राज्य चौकसी ब्यूरो से जांच कराने का प्रस्ताव भेजा गया, जिसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सहमति प्रदान कर दी है। 
मंत्री ने कहा कि तत्कालीन वरिष्ठ उप-महापौर यशपाल बत्रा की शिकायत पर जांच करने के दौरान चंडीगढ़ मुख्यालय पर अधिकारियों द्वारा एक रिपोर्ट तैयार की गई थी। जिसमें पता चला कि मुख्य अभियंता द्वारा 50 लाख रुपये तक की खरीद की मंजूरी देने का अधिकार है, लेकिन वर्ष 2010-14 के दौरान गुरुग्राम नगर निगम में तत्कालीन मुख्य अभियन्ता बीएस सिंगरोहा ने नियमों को ताक पर रखते हुए 30 करोड़ रुपये के डीआई पाइप की खरीद कर दी। इसमें वित्तीय अनियमितता की गंभीरता को देखते हुए तथा जांच को स्वतंत्र एजेंसी से कराने पर महानिदेशक शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा प्रस्ताव दिया गया। 
 मंत्री कविता जैन ने कहा कि पालिकाओं में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी मामले में दोषी रहेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी आह्वान किया कि वह पालिकाओं में हो रहे विकास कार्यों की निगरानी करें ताकि जनता की एक-एक पाई का सदुपयोग किया जा सके।

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