इराक में मारे 39 में से 38 शव भारत जाए जाएंगे, परिवार के लोगों को ताबूत खोलकर शव देखने की इजाजत नहीं

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Yuva haryana

Chandigarh (2 April 2018)

विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह मोसुल में मारे गए 39 भारतीयों के अवशेषों को लाने के लिए इराक रवाना हो गए हैं। उन्होंने इराक रवाना होने से पहले बताया कि वे सबसे पहले अमृतसर, इसके बाद कोलकाता और फिर पटना में मृतकों के परिजनों को अवशेष सौंपेंगे। इस बारे में मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

बता दें कि केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पिछले महीने संसद में इस बात की पुष्टि की थी कि इराक के मोसुल से अगवा किए गए 39 भारतीयों को आतंकी संगठन ISIS ने मार दिया गया था।

अब शवों को लाने से पहले उनके परिजनों के डीएनए सैंपल से मैच किया था। 39 भारतीय नागरिकों में से 27 पंजाब के हैं, चार हिमाचल प्रदेश के, छह बिहार के और दो पश्चिम बंगाल के नागरिक हैं। बता दें कि 39 में से 38 के ही शवों के DNA आपस में मिल पाए है। जिसकी वजह से 38 शव भारत लाए जाएंगे।

वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बताया था कि पहाड़ खोदकर भारतीयों के शव निकाले गए है। उत्तरी इराक के मोसुल शहर से 3-4 साल पहले करीब 39 भारतीयों को अगवा करके मार डाला था। बाद में उनके शवों को मोसुल के उत्तर-पश्चिम में बादुश नाम के गांव के नजदीक दफना दिया गया था। सर्च ऑपरेशन के दौरान पता चला कि बादुश के नजदीक एक टीले के पास कुछ शव दफनाए गए हैं।

वहीं मृतक मनजिंद्र सिंह की बहन गुरप्रिन्द्र कौर ने कहा कि उन्हें ताबूत को खोलने के लिए नहीं कहा गया है, क्योंकि अवशेष एक कब्र से खोदकर निकाले गये है जिनमें विषैली गैसों हो सकती है। परिवार का कहना है कि अंतिम दर्शन होने से पहले हम अंतिम संस्कार संभव नहीं है।

वहीं मृतक निशान सिंह के भाई स्वान सिंह ने कहा है कि हमें भी एसडीएम ने ताबुत नहीं खोलने के लिए कहा है। लेकिन उन्होंने कहा कि हम अपने छोटे भाई के अवशेष की एक झलक देखने के लिए कास्केट खोलेंगे।

अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर कमलजीत संघ ने कहा कि 1 बजे श्री गुरु राम दास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचने की संभावना है। “जिला प्रशासनों के समर्थन से अवशेषों को जलाने के लिए सभी व्यवस्था की गई है।

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