हरियाणा में चयनित 447 डॉक्टरों को मेडिकल ऑफिसर किया नियुक्त, खाली पदों के लिए भर्ती में मिलेगी छूट

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Yuva Haryana, Chandigarh

हरियाणा सरकार ने कोविड-19 को फैलने से रोकने और इससे निपटने के लिए तुरंत प्रभाव से हाल ही में चयनित 447 डॉक्टरों को मेडिकल ऑफिसर के रूप में नियुक्ति पत्र जारी करने के साथ-साथ महत्वपूर्ण विभागों जैसे चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, स्वास्थ्य, राजस्व, शहरी स्थानीय निकाय और गृह विभागों के लिए 100-100 करोड़ रुपये का रिवोलविंग फंड बनाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय आज यहां हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा की अध्यक्षता में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए आयोजित की गई संकट समन्वय कमेटी की बैठक में लिया गया।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एक ही बार में सभी रिक्त पदों को भरने के लिए नियुक्ति पत्र में चरित्र सत्यापन और चिकित्सा परीक्षाओं की शर्तों में छूट दी जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया कि 4 स्थानों पर कोरोना के टेस्ट की सुविधा जल्द ही निजी लैब में भी शुरू की जाएगी और इनकी क्षमता का 50 प्रतिशत सरकार द्वारा उपयोग के लिए आरक्षित किया जाएगा। इन लैब में स्वास्थ्य विभाग द्वारा रैफर किए गए टेस्ट की लागत को सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। निजी परीक्षण प्रयोगशालाओं को स्वास्थ्य विभाग को सभी परीक्षण रिपोर्ट के बारे में सूचित करना अनिवार्य होगा, जिसमें निजी मामले जो स्वास्थ्य विभाग द्वारा रैफर न किए गए हों, भी शामिल हैं। इसके अलावा, यह भी निर्णय लिया गया कि मौजूदा सरकारी परीक्षण सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा और नई परीक्षण सुविधाओं को बनाने के प्रयासों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में बताया गया कि आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करके एन -95 मास्क की आपूर्ति में तेजी लाई जाएगी ताकि आपातकालीन कार्य में लगे कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवाओं में ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों को तुरंत यह समान प्रदान किया जा सके। इसी प्रकार, आवश्यक दवाएं विशेष रूप से हाइड्रोक्लोरोक्वीन और कोलोरोक्वीन की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो कई गुना बढ़ाई जा सकती है। इसके अतिरिक्त, संबंधित उपायुक्तों द्वारा जरूरत अनुसार निजी एम्बुलेंस को लिया जा सकता है। हालांकि, डिलवरी मामलों सहित अन्य महत्वपूर्ण मामलों को मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार प्राथमिकता दिया जाना सुनिश्चित करें।

बैठक में निर्णय लिया गया कि समर्पित कोविड अस्पतालों की योजना बनाने और उन्हें अधिसूचित करने के बारे में निर्णय लिया जाएगा, शुरुआत में चार अस्पतालों को नामित किया जाएगा और बाद में आवश्यकता अनुसार बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, सभी उपायुक्त आवश्यकता अनुसार कर्मियों, वाहनों इत्यादि की आवाजाही के लिए स्थानीय स्तर पर पास जारी करने के लिए सक्षम होंगे। इसके अलावा, चंडीगढ़ व पंचकूला कार्यालयों के संबंध में चंडीगढ़, यूटी प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए गृह विभाग, हरियाणा नोडल विभाग होगा, ताकि आवश्यक सेवाओं में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों को पास जारी करने और आवागमन करने में सुविधा हो सके।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संबंधित उपायुक्त आवश्यक कर्मियों और वस्तुओं के परिवहन के लिए कम से कम 5 बसों और ट्रकों को अपने अधिकार में रखेंगे। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड यह सुनिश्चित करेगा कि सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए बिना अनुमति के चलने वाली निजी मंडियों को प्रतिबंधित किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निजी खुदरा विक्रेता आवश्यक वस्तुओं जैसे सब्जी, फल आदि का अत्यधिक मूल्य नहीं वसूलें।

बैठक में निर्णय लिया गया कि गृह विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि लॉकडाउन के कार्यान्वयन में शामिल पुलिस कर्मियों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि आवश्यकत वस्तुओं जैसे आपूर्ति श्रृंखला वस्तुओं की आवाजाही और हैफेड, वीटा, बैंकिंग कर्मियों, स्वच्छता, पीडीएस, स्वास्थ्य और पैरा मेडीकल स्टाफ, बीपीओ आदि सेवाओं की आवाजाही बिना रोकटोक चलने दी जाएं। इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों जैसे हिमाचल, पंजाब आदि के लिए आवश्यक वस्तुओं व कर्मियों का आवागमन भी बाधित नहीं होना चाहिए।

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