Haryana के 75 गांव होंगे लाल डोरा मुक्त, देखिये हर जिले के गांवों की लिस्ट

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Sahab Ram, Yuva Haryana

हरियाणा Haryana Lal Dora में लाल डोरा मुक्त अभियान के तहत प्रदेश के 75 गांवों को पहले चरण में संपन्न करवाने का उद्देश्य सरकार का है। इस अभियान के तहत जहां लंबे समय से रह रहे लोगों को अपनी जमीन का मालिकाना हक मिल सकेगा वहीं अपनी जमीन पर लोन भी ले सकेंगे।
करनाल Karnal के सिरसी गांव Sirsi Village से इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 26 जनवरी को की थी। अब धीरे धीरे प्रदेश के 75 गांवों को इस योजना के तहत लिया गया है। 15 जिलों के 75 गांवों को पहले लाल डोरा मुक्त किया जाएगा।

देखिये गांवों की लिस्ट

1. यमुनानगर Yamunanagar के गुलाबगढ़, रोड छप्पर, हरगढ़ और गोलनपुर की डिजिटल मैपिंग होगी और लाल डोरा मुक्त किया जाएगा।
2. हिसार Hisar के मिरकां, लाडवा, दाहिमा, भोजराज और गुंजार गांव को पहले चरण में लाल डोरा मुक्त किया जाएगा।
3. करनाल Karnal के काछवा, इमदा, जुंडला, शाहपुर और कमालपुर को लाल डोरा मुक्त अभियान में शामिल किया गया है।
4. जींद Jind के ईंटल कलां, ईंटल खुर्द, संगतपुरा, ढांडा खेड़ी और जाजवान को लाल डोरा मुक्त अभियान में शामिल किया गया है।
5. कैथल Kaithal के अटैला, फर्शमाजरा, मांझला, बाबालदाना और गढ़ी पाड़ला को लाल डोरा मुक्त अभियान में शामिल किया गया है।
6. पंचकूला Panchkula के टाबर, सरकपुर, हरिपुर, खेड़ी और बड़ौनाकला गांव को लाल डोरा मुक्त अभियान में शामिल किया गया है।
7. सोनीपत Sonipat के बुलंदपुर, नयाबांस, अटायल, सरढ़ाना और भौरा रसूलपुर गांव को शुरुआती अभियान में शामिल किया गया है।
8. रोहतक Rohtak के लाढ़ौत, भैयापुर, मकड़ौली कलां, मकड़ौली खुर्द और बसंतपुर गांव को लाल डोरा मुक्त किया जाएगा।
9. भिवानी Bhiwani के भानगढ़, भाखड़ा, हेतमपुरा, ढाणी ब्राह्मण और गोलागढ़ गांव को लाल डोरा अभियान में शामिल किया गया है।
10. अंबाला Ambala के सपेड़ा, पिलखनी, कपूरी, रतनहेड़ी और बिलपुरा गांव को लाल डोरा मुक्त अभियान में शामिल किया गया है।
11. सिरसा Sirsa के पनिहारी, मोरीवाला, मुसाहिबवाला, फरवाईं कलां व खुर्द, भरोखां, ढाणी भरोखां, नाथूसरी चौपटा, रामपुरा ढिल्लो, तेजाखेड़ा, बुर्जकर्मगढ़ गांव शामिल हैं।

क्या है लाल डोरा ? What is Lal Dora ?

लाल डोरे को अंग्रेजों ने सन् 1908 में बनाया था। उस समय रेवेन्यू रिकॉर्ड रखने के लिए खेतीबाड़ी की जमीन के साथ स्थित गांव की आबादी को अलग-अलग दिखाने के मकसद से नक़्शे पर आबादी के बाहर लाल लाइन खींची जाती थी। लाल डोरे के अंदर लोग कब्जे के मालिक होते हैं। जिसे लाल डोरा भी बोला जाता है।

मौके पर ही मिलेगी रजिस्ट्री

सरकार के नियम अनुसार जो मकान लाल डोरा क्षेत्र में आएगा। उसकी मौके पर ही तहसीलदार रजिस्ट्री करेगा। इसके लिए मकान मालिक को केवल 66 रुपये की फीस अदा करनी होगी। उसके बाद उसे बकायदा मकान की रजिस्ट्री मिलेगी। इससे पहले जो निशानदेही होगी। उसके लिए एक महीने तक आपत्ति दर्ज करवाने का भी जिला प्रशासन समय देगा। अगर पंचायत या किसी अन्य पड़ोसी को यह लगता है कि यह जगह उसकी है। वह अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकेगा। उसकी जांच की जाएगी।

 

करीब छह हजार गांवों को होगा फायदा

एक ड्राफ्ट नक्शा पंचायत में ग्राम सभा के समक्ष रखा जाएगा, जिसमें दावे आपत्तियां ली जाएंगी और एक 1 माह का समय देने के बाद दावे आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। ग्राम पंचायत के द्वारा और जो आखरी में आबादी देह का एक फाइनल नक्शा बनकर आएगा। उसको डिजिटल फॉर्म में आज यहां पेश किया जाएगा। इस नक्शे का उपयोग करके आगे हरियाणा सरकार लाल डोरे के अंदर जितने भी निवासी है, उनको एक अपना निश्चित मालिकाना हक देने का काम करेगी। हरियाणा सरकार के इस प्रयास से पूरे प्रदेश के साढ़े 6000 से ज्यादा ग्राम पंचायत को लाभ मिलेगा।

आम लोगों को क्या-क्या होगा फायदा ?

यह प्रोजेक्ट लागू होने के बाद लाल डोरा सीमा के भीतर जमीन की रजिस्ट्री हो सकती है। पुश्तैनी जमीन अथवा उस पर बने ढांचों की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। जमीन पर बैंकों के माध्यम से कर्ज लिए जा सकेंगे। राजस्व रिकॉर्ड में इंतकाल चढ़ेगा और कब्जाकार को मालिकाना हक मिलेगा। घरों को नंबर अलॉट होंगे। सिरसी के बाद सरकार ने प्रदेश के 15 जिलों के 75 गांवों में योजना विस्तार करते हुए मैपिग के आदेश दिए हैं।

 

 

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