अब गरीबों को मिलेगा खुद का आशियाना, 80 स्थानीय निकायों में योजना का मिलेगा लाभ

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हरियाणा में अब गरीब परिवारों को अपना घर मिलने का सपना साकार होने वाला है. इसके लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने योजना तैयार कर ली है. यह प्रदेश के 80 स्थानीय निकायों में क्रियान्वित की जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यह मकान बनाए जाएंगे. इसकी जानकारी देते हुए शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि इस योजना के चार मुख्य घटक संसाधन के रुप में भूमि का उपयोग करके निजी डेवेलपर्स की मदद से मलिन बस्तियों का पुनर्वास, क्रेडिट लिंकड सब्सिडी के माध्यम से कमजोर वर्ग के लिए सस्ते आवास को प्रोत्साहित करना, भागीदारी में सस्ते आवास और व्यक्तिगत आवास निर्माण या सुधार के लिए लाभानुभोगी को सब्सिडी हैं।

उन्होंने कहा कि पहले घटक के तहत संसाधन के रूप में भूमि का उपयोग करके निजी डेवेलपर्स की मदद से मलिन बस्तियों में रह रहे लोगों को आवास उपलब्ध करवाया जाएगा, जिसके लिए एक लाख रुपये की केन्द्रीय सहायता और 67000 रुपये की राज्य सरकार की सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यदि आवश्यक हुआ तो राज्य सरकार मलिन बस्ती पुनर्वास योजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए फ्लोर एरिया रेशो या फ्लोर स्पेस इन्डेक्स उपलब्ध करवा सकती है।

इस योजना के तहत क्रेडिट लिंकड सब्सिडी के माध्यम से कमजोर वर्ग के लिए अलग अलग तरीके से पैसे दिए जाएंगे। इसमें तीन कैटेगरी बनाई गई है।
तीन लाख रुपये तक की वार्षिय आय वाले परिवार को आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग, तीन से छह लाख को निम्न वर्ग, नौ से 12 लाख रुपये की आय वाले परिवार को मध्यम वर्ग (श्रेणी-1) और 12 से 18 लाख तक आय वालों को मध्यम (श्रेणी-2) में रखा गया है।

इन सभी परिवारों को मकान बनाने और उनकी मुरम्मत करवाने के लिए बिना ब्याज के ऋण दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार भागीदारी में सस्ते आवास घटक के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाभानुभोगियों को 1.50 लाख रुपये की केन्द्रीय सहायता के अलावा राज्य सरकार द्वारा एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।

सभी शहरी स्थानीय निकायों में संबंधित सर्वेक्षण कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आवास के लिए 3.23 लाख लोगों से आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनके सत्यापन का कार्य चल रहा है।

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