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प्रदेश के 85 हजार शिक्षकों का वेतन अटका

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Yuva Haryana
Chandigarh, 14 April, 2018

हरियाणा के करीब 85 हजार शिक्षकों का मार्च का वेतन अटक गया है। इसकी वजह डिजीटल सिग्नेचर नहीं होने बताए जा रहे हैं। अप्रैल का आधा महीने बीतने को हो गया है लेकिन अभी तक शिक्षकों का वेतन नहीं आया है जिस वजह से शिक्षकों को रोजमर्रा के कामों के लिए पैसे की दिक्कत हो रही है।

हरियाणा सरकार ने अप्रैल माह से वेतन निकालने के लिए डिजीटल सिग्नेचर अनिवार्य किये थे । स्कूलों में शिक्षकों का वेतन ट्रेजरी से डीडीओ (आहर वितरण अधिकारी) का डिजिटल सिग्नेचर बनाया जाना था। और ये सिग्नेचर चंडीगढ़ मुख्यालय से तैयार होकर मार्च में आने थे लेकिन आधा अप्रैल आ चुका है लेकिन डिजीटल सिग्नेचर बनकर नहीं आए हैं।

डिजीटल सिग्नेचर सिस्टम क्या है ? >>>

डिजीटल सिग्नेचर योजना को मौजूदा सरकार ने लागू किया है. इसका उद्देश्य धांधली को रोकना है। डिजीटल सिग्नेचर कप्यूटर कोड की भाषा में है। इसके जरिये वहीं व्यक्ति वेतन निकलवा सकता है जिसके आधिकारिक रुप से डिजीटल सिग्नेचर होंगे। इससे पहले यह व्यवस्था नहीं थी। अब ट्रेजरी में सिर्फ इलेक्ट्रोनिक सिस्टम से डिजीटल सिग्नेचर ही मान्य होंगे।

कौनसे शिक्षकों का अटका वेतन ?

कैटेगरी                                        संख्या

सीएंडवी                                   11869

मास्टर                                      10519

लेक्चरर                                    21922

जेबीटी                                     40500

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One Comment

  1. […] प्रदेश के कई इलाकों में कर्मचारियों की मिलीभगत से सड़कों पर अवैध वाहनों के दौड़ने की बात सामने आई है। रेवाड़ी में कुछ ऐसा ही वाक्या देखने को मिला। जब एडीसी कम आरटीए प्रदीप दहिया ने सड़कों पर जाकर दबिश दी। आरटीए की अचानक इस प्रकार से कार्यवाही से चारों तरफ हल्ला मच गया। जान जोखिम में डालकर करीब 50 वाहनों को पकड़ा गया। करीब 16 घंटों तक अवैध रुप से सड़कों पर दौड़ रहे इन वाहनों पर कार्यवाही चलती रही है। एडीसी की टीम ने करीब 50 वाहनों को जब्त किया और उन पर करीब 30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया । हैरानी की बात सामने तब आई जब हरियाणा रोडवेज और एक पंजाब रोडवेज की तरह ही दिखने वाली बस को रोका गया. जब बसों को रोका गया तो ये दोनों ही बसें डुप्लीकेट निकली। ये बसें सरकारी नहीं थी बल्कि प्राइवेट थी और इनपर हरियाणा रोडवेज और पंजाब रोडवेज की तरह रंग किया गया था। बताया जा रहा है कि अवैध वाहनों से अकेले रेवाड़ी में रोजाना तीन लाख रुपये के टैक्स की चोरी हो रही है। वहीं एडीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि अब समय समय पर कार्यवाही होगी और ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि अवैध रुप से चल रहे वाहनों से सरकार को तो लाखों रुपये के टैक्स का घाटा रोजाना हो ही रहा है वहीं आम लोगों को भी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। यह खबर भी देखें >>>> प्रदेश के 85 हजार शिक्षकों का वेतन अटका […]

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