मुआवजा बढ़ोतरी के लिए किसानों के आंदोलन का हुआ असर, 8 जिलों के करीब 200 गांवों की जमीन का हुआ अधिग्रहण

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Pradeep Dhankhar, Yuva Haryana

Bahadurgarh, 20 June, 2019

प्रदेश में मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का बड़ा असर सामने आया है। नेशनल हाईवे नंबर 152 डी के मुआवजे की अब दोबारा से समीक्षा की जाएगी। इससे 8 जिलों के हजारों किसानों को करोड़ों रुपए का फायदा होगा। यह कहना है भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं किसान नेता रमेश दलाल का।

रमेश दलाल ने बताया कि राजस्थान के कोटपूतली से होकर अंबाला तक बनने वाले नेशनल हाईवे नंबर 152 डी के लिए हरियाणा में 8 जिलों के करीब 200 गांव की जमीन का अधिग्रहण हुआ है। इस कॉरिडोर को बनाने के लिए हरियाणा की करीब 4000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण सरकार ने किया है।

यह हाईवे रेवाड़ी, नारनौल, रोहतक, कुरुक्षेत्र, कैथल, अंबाला, दादरी और जींद जिले से होकर गुजरेगा। इसके लिए अधिग्रहण की गई जमीन का कम मुआवजा मिलने पर प्रदेश के दादरी और जुलाना में किसानों ने आंदोलन शुरू कर रखा है।

इस आंदोलन का असर यह हुआ कि प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के जिला उपायुक्तों को नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहण की गई जमीन के मुआवजे की समीक्षा करने के लिए आदेश जारी किए हैं। इस समीक्षा से प्रदेश के 8 जिलों के किसानों को करोड़ों रुपए का फायदा होगा।

रमेश दलाल ने बताया कि प्रदेश भर में अब जमीन के कलेक्टर रेट रिवाइज किए जाएंगे। यह कलेक्ट्रेट अब से साल में दो बार रिवाइज होंगे। भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति, किसान संगठनों, सरकारी अधिकारियों की बैठक में सरकार के साथ बनी है। इससे भी किसानों की जमीन का उन्हें उचित दाम मिल सकेगा। किसान नेता नेता रमेश दलाल ने मुआवजा बढ़ोतरी को लेकर आर्बिट्रेशन में चल रहे केसों की समीक्षा करने की मांग सरकार से की है।

 

 

 

 

 

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