Home Breaking सरसों की खरीद पर जो नीति अपनाई है उससे किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है- अभय सिंह चौटाला

सरसों की खरीद पर जो नीति अपनाई है उससे किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है- अभय सिंह चौटाला

0
0Shares

Yuva Haryana

Chandigarh,  30 March, 2019

इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा सरकार द्वारा शर्तों के अनुसार सरसों की खरीद पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि सरसों की खरीद पर जो नीति अपनाई है उससे किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। इनेलो नेता ने कहा कि एक तो पूरी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार द्वारा नहीं खरीदी जा रही है। दूसरा, उन्हें बाकी की फसल औने-पौने दामों पर लगभग 3200-3500 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खुली मार्केट में बेचनी पड़ रही है, जबकि समर्थन मूल्य 4200 रुपए प्रति क्विंटल है। इसके अतिरिक्त किसानों को भुगतान भी आठ-दस दिन के बाद मिलता है। इस प्रकार का किसानों के प्रति सरकार का व्यवहार यह दर्शाता है कि सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं और इसी प्रकार पिछले वर्ष भी किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने कहा कि यह उल्लेखनीय है कि सरकार की नीति अनुसार प्रत्येक किसान को अपनी सरसों की फसल बेचने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है और सरकारी एजेंसी प्रति एकड़ केवल पांच क्विंटल तथा कुल 25 क्विंटल सरसों की ही खरीद करेगी। इसके अलावा किसान को भूमि मलकीयत के कागजात लेने के लिए पटवारियों के पास दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं। सरकार की नीति के अनुसार जो किसान 25 क्विंटल से ज्यादा सरसों की पैदावार करेगा उसको न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिलेगा।

इनेलो नेता ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि जब सरकार पूरी फसल का फसल बीमा कर रही है तो उसकी पूरी फसल को खरीदने में आनाकानी क्यों? यह अपने आप में हास्यास्पद लगता है कि किसानों को इस प्रकार से अपनी सरसों की फसल बेचने के लिए मारामारी करनी पड़ रही है और इसके इलावा जो छोटे किसान भूमि पट्टे पर लेकर सरसों की फसल की पैदावार करते हैं, उन्हें तो और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सरसों की खरीद में शर्तें लगाना सरकार की किसान विरोधी नीतियों को उजागर करती है। सरकार से इस बारे इनेलो पुरजोर मांग करती है कि सरसों की फसल बिना किसी शर्त के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए ताकि किसान को अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े।

 

Load More Related Articles
Load More By Yuva Haryana
Load More In Breaking

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

‘युवा हरियाणा टॉप न्यूज’ में पढ़िए आज की सभी बड़ी खबरें फटाफट

Top News Yuva Haryana 04 july 1. हरियाणा म…