30 हजार शिक्षकों के पद हैं खाली, कब भर्ती करेगी जजपा-भाजपा सरकार- अभय

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Sahab Ram, Yuva Haryana
इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि आज प्रदेश में बेरोजगारी की जो समस्या है वह पिछले 10 सालों से लगातार बढ़ रही है और अब पिछले 45 सालों में रोजगार देने का स्तर सबसे नीचे है। जहां युवाओं को उम्मीद थी कि नई सरकार बनने पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा प्रदेश की गठबंधन सरकार में शामिल पार्टियों का आगाज था कि ‘रोजगार मेरा अधिकार अधिनियम’ बनाया जाएगा तथा हरियाणा प्रदेश में 75 प्रतिशत नौकरियों हरियावासियों के लिए आरक्षित की जाएंगी।
भाजपा-जजपा ने अपने-अपने चुनावी घोषणा पत्रों से यह भी आश्वस्त किया था कि जब तक रोजगार नहीं मिलता बेरोजगार को 11 हजार रुपए मासिक भत्ता दिया जाएगा लेकिन बड़े दुख की बात है कि ताजा आंकड़ों के मुताबिक रोजगार बढऩे की बजाय सात प्रमुख सेक्टरों में जिनमें रोजगार की ज्यादा संभावनाएं होती हैं वहां रोजगार के अवसर घटे हैं।
इनेलो नेता ने बताया कि आज भी सरकारी क्षेत्र में वर्तमान में जो पद विभिन्न विभागों में खाली पड़े हैं, उन पर भर्तियां नहीं की जा रही। शिक्षा विभाग में आज भी लगभग 30 हजार रिक्तियां हैं जिनमें से 12 हजार पीजीटी के पद खाली हैं जिससे एक तरफ शिक्षा के गुणात्मक सुधार के दावे की पोल खुलती है वहां एचस्टेट पास किए हुए लाखों युवा बेरोजगार घूम रहे हैं।
हरियाणा में 2423 माध्यमिक/वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं जिनमें से लगभग आधे स्कूलों में मुख्याध्यापक/प्रिंसिपल के पद खाली पड़े हैं जो कि पदोन्नति द्वारा ही भरे जाने हैं फिर भी सरकार इन पर नियुक्तियां नहीं कर रही है जिससे सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि हरियाणा सरकार शिक्षा के गुणात्मक सुधार पर कितनी गंभीर है? किसी भी संस्थान की कार्यप्रणाली उसके मुखिया की नेतृत्व क्षमता तथा निगरानी पर निर्भर करती है परंतु जहां मुखिया ही न हो वहां शिक्षण संस्थान की कार्यकुशलता व गुणात्मक सुधार की कल्पना कैसे की जा सकती है? जिससे स्पष्ट है कि सरकार दावे तो बहुत करती है परंतु धरातल पर हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश में नए उद्योग धंधे नहीं आएंगे तब तक निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर नहीं बढ़ पाएंगे। देश में आर्थिक मंदी होने की वजह से वर्तमान में उद्योग एवं व्यापार संकट में फंसा है जिसकी वजह से बेरोजगारी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।  बेरोजगारी की वजह से कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩा तथा युवाओं में नशाखोरी को भी बढ़ावा मिलना स्वाभाविक है। यही वजह है कि प्रदेश में नशाखोरी का धंधा बढ़ रहा है तथा कानून व्यवस्था भी आए दिन बिगड़ रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सहयोगी पार्टी जजपा ने बेरोजगार युवाओं को 11 हजार रुपए प्रतिमाह भत्ता दिए जाने का संकल्प लिया था परंतु इन्होंने अपने भत्ते तो पहली कलम से बढ़ा लिए और युवाओं से किए वायदों के बारे में भूल गए। उन्होंने आखिर में सरकार को चेताया कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए जिससे प्रदेश की युवाओं को रोजगार मिल सके।

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