Home Breaking सरकार के सौ दिनों पर अभय का हमला, बोले- वादे तो रद्दी की टोकरी में फेंक दिये

सरकार के सौ दिनों पर अभय का हमला, बोले- वादे तो रद्दी की टोकरी में फेंक दिये

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Sahab Ram, Yuva Haryana
भाजपा-जजपा सरकार को संगठित हुए सौ दिनों के बारे में इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि इन सौ दिनों में संगठन की सरकार ने चुनाव के दौरान जो संकल्प पत्रों में वायदे किए थे उनको रद्दी की टोकरी में फैंककर दोनों दल आम आदमी को बेवकूफ बनाने के लिए अनावश्यक बयानबाजी करते रहे हैं। जनता का ध्यान बटाने के लिए नित नए विषय पर बयान देकर इन सौ दिनों में सिवाय जनता को भ्रमित करने के और कुछ नहीं किया। लगातार दो महीनों से मुख्यमंत्री व गृह मंत्री ने सीआईडी विभाग में भागीदारी को लेकर अनावश्यक जनता को बेवकूफ बनाने का काम किया। इसी तरह दोनों दलों के न्यूनतम साझा कार्यक्रम की बैठकों के दौरान किसी नतीजे पर न पहुंचने से तो यही अभिप्राय है कि अभी तक ‘दलों का तो मेल है पर दिलों का मेल नहीं’।
इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा ने पिछले पांच सालों में जो घोटाले किए थे उन पर पर्दा डालने के लिए मौखिम रूप से उपलब्धियां गिनाकर धरातल पर कोई कार्य नहीं किया। भाजपा के पिछले कार्यकाल में लगभग 113 करोड़ रुपए का मीटर घोटाला हुआ था जिसके बारे में सरकार आंख मूंदे बैठी है और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। बिजली विभाग में 2014-15 में जो सिंगल फेज मीटर खरीदे थे उसमें भी बहुत बड़ा घपला हुआ है जिसकी वजह से सरकारी खजाने को चूना लगा है। वर्ष 2019 के समाचार-पत्रों के अनुसार अकेले छह जिलों में प्रति माह लगभग 120 करोड़ रुपए ओवरलोडिंग वाहनों से वसूली का घोटाला हुआ था जिसके बारे में सरकार चुप्पी साधे हुए है।
परिवहन विभाग में फर्जी टिकट घोटाला हुआ था और संगठित सरकार इन सौ दिनों में आंख मूंदे बैठी रही है। परिवहन विभाग में ही किलोमीटर घोटाले के बारे में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कोई भी कार्रवाई न करने से लगता है कि सरकार उनको बचाने का प्रयत्न कर रही है। परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत से ही किलोमीटर स्कीम घोटाला किया गया था जिसके बारे में मुख्यमंत्री महोदय ने स्वयं माना था कि इसमें अनियमितताएं बरती गई हैं।
इनेलो नेता ने कहा कि शिक्षा विभाग में अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना में लगभग 26 करोड़ रुपए के घोटाले के बारे में सरकार इन सौ दिनों में चुप बैठी रही है। जिस अधिकारी ने इस घोटाले का पर्दाफाश किया उसको तुरंत बदलकर दूसरे स्थान पर भेज दिया था। उन्होंने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार को भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने जजपा द्वारा चुनाव घोषणा-पत्र में बुजुर्गों के लिए 5100 रुपए प्रति माह पेंशन देने का वायदा किया था परंतु संगठित सरकार ने केवलमात्र 250 रुपए बढ़ाकर आम आदमी को बेवकूफ बनाने का काम किया है। भारतीय किसान यूनियन ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर जजपा अपने वायदे के अनुसार पेंशन नहीं बढ़ाती तो किसान यूनियन के बैनर के नीचे हर जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इन सौ दिनों में ग्रीन कैरीडोर 152डी नेशनल हाई-वे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजे के बारे में कोई फैसला न ले पाना सरकार की विफलता दर्शाता है। इनेलो नेता ने कहा कि यह तो ठीक है कि इन सौ दिनों में श्री रामकुमार गौतम व बलराज कुंडू विधायकों का मामला तो अखबारों की सुर्खियां बना रहा। सरकार ने गन्ना पैदा करने वाले किसानों की मुश्किलों की तरफ कोई ध्यान न देकर उनको शुगर मिलों के रहमोकर्म पर छोड़ दिया है। प्राइवेट शूगर मिलें मनमाने ढंग से गन्ने के भाव तय करके किसानों के खून-पसीने की कमाई को लूट रही हैं। संगठन की सरकार ने धान घोटाले की सीबीआई से जांच न करवाकर किसानों के साथ अन्याय किया है।
इनेलो ने हर स्तर पर धान घोटाले की जांच के लिए आवाज उठाई है और कहा है कि नमी के नाम से जो राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य में से काट कर नगदी के रूप में दिखाई गई है वह राशि किसकी जेब में गई है, इसके बारे में सरकार आंखें मूंदे बैठी है। जिन अधिकारियों ने धान घोटाला किया है उन्हीं को राइस मिलों का स्टाक चैक करने की ड्यूटी लगाकर सरकार ने अपनी कमी छुपाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आम आदमी को दवाई मिलना दूर की कौड़ी है। क्योंकि अखबारों की खबर के अनुसार रैबिज के टीके हर अस्पताल में उपलब्ध हैं परंतु यह टीके आम आदमी को बाजार से खरीदने पड़ते हैं और वीआईपीज को अस्पतालों में तुरंत उपलब्ध करवाए जाते हैं।
इन सौ दिनों में सरकार ने पीने के पानी की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और गांवों व शहरों में साफ पीने के पाने का उपलब्ध न होना, सरकार की विफलता को दर्शाता है। सरकार सौ दिनों की अनावश्यक अपनी उपलब्धियां गिनवाकर स्वयं अपनी पीठ थपथपा रही है जबकि इन सौ दिनों में भाजपा-जजपा दोनों दलों ने सिवाय अपनी कुर्सी बचाने के और कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया जिससे आम आदमी को सुविधा प्राप्त हो सके।
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