बजट में दिखाई सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी, लेकिन वास्तविक स्थिति अलग- अभय चौटाला

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Sahab Ram, Yuva Haryana
शुक्रवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री ने वर्ष 2020-21 का बजट विधानसभा में पेश किया गया जिसे इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने मात्र आंकड़ों की बाजीगरी बताते हुए कहा कि प्रदेश के आर्थिक हालात को बेहतर दिखाने की तो भरपूर कोशिश की है परंतु हकीकत कुछ और ही है। कुल बजट 1,42,343.78 करोड़ रुपए का दिखाया है जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1,32,165.99 करोड़ रुपए था जिसमें लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई दिखाई है। परंतु हकीकत में राज्य का कुल टैक्स रेवेन्यू 2019-20 के बजट में 62,321.64 करोड़ रुपए का अनुमानित था जो 2020-21 में 60580.47 करोड़ तय किया है जिससे स्पष्ट है कि प्रदेश का टैक्स रेवेन्यू में पिछले वर्ष 2019-20 में 54953.57 करोड़ रुपए ही प्राप्त हुआ जिसमें लगभग 7400 करोड़ रुपए की कमी आई है और आगे भी इसमें बढ़ौतरी के कोई आसार नजर नहीं आते।
हालांकि राजस्व घाटा पिछले वर्ष 1.53 प्रतिशत प्रोजेक्ट किया गया था जो कि हकीकत में 1.76 प्रतिशत रहा है और वर्ष 2020-21 के लिए यह प्रोजेक्शन 1.64 प्रतिशत पर की गई है, जो कि व्यावहारिकता से दूर है। प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष 27910 करोड़ रुपए का ऋण चुकाया था तथा इस बार 28,610 करोड़ रुपए का ऋण चुकाने का प्रस्ताव है जबकि राज्य के विकास के लिए 26,325 करोड़ रुपए का अतिरिक्त ऋण लेने का प्रावधान किया है जिससे स्पष्ट है कि कर्जा चुकाने के लिए नया कर्जा लिया जा रहा है। आज प्रदेश पर लगभग दो लाख करोड़ रुपए का कर्जा हो जाएगा जबकि 2014-15 में 70,931 करोड़ रुपए था। इससे प्रदेश की वास्तविक आर्थिक स्थिति का अंदाजा बखूबी लगाया जा सकता है।
इनेलो नेता ने कहा कि बजट में सरकार ने दावा किया है कि शिक्षा में गुणवत्ता, बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों पर आधारित बताया गया है जो कि महज एक दिखावा है। कोई भी मूलभूत संरचना इन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए बजट में कहीं दिखाई नहीं देती। विकास के लिए सरकारी राजस्व में कोई बजट उपलब्ध नहीं है क्योंकि 40 प्रतिशत वेतन तथा पेंशन पर खर्च दिखाया है। प्रदेश में चालू योजनाओं तथा कर्जा चुकाने के लिए ही बाकी पैसा बचता है। हालांकि मुख्यमंत्री ने बजट पेश करते हुए बहुत बड़े-बड़े दावे किए हैं और लगभग सवा दो घण्टे तक बजट भाषण दिया जो कि केवल चलाई जा रही केंद्रीय योजनाओं तथा राज्य की चालू योजनाओं का ही व्याख्यान दिया गया है।
इनेलो नेता ने बताया कि बजट में ऐसी कोई बड़ी परियोजना के लिए प्रावधान नहीं किया गया जिससे प्रदेश में किसानों, युवाओं तथा बेरोजगारों के लिए राहत का आश्वासन देता हो। परिवहन, भवन तथा सडक़ें, जनस्वास्थ्य सेवाएं इत्यादि महत्वपूर्ण विभागों का बजट पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम किया गया है। यहां तक कि प्रदेश की जीवनरेखा एसवाईएल नहर के अधूरे पड़े निर्माण के लिए मात्र 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जिससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार इस परियोजना को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को लागू करवाने के लिए प्रतिबद्ध नहीं है। इस प्रकार यह बजट खोखला तथा आंकड़ों की जुगलबंदी ही साबित होती है।
इनेलो नेता ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस बात पर जरूर वाहवाही लूटी कि प्रदेश के हर जिले में एक अस्पताल में वेंटीलेटर की सुविधा उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। वैसे भी प्रदेश का हर वर्ग सरकार की आर्थिक नीतियों से त्राहि-त्राहि कर रहा है और ऐसे में प्रदेश के हर नागरिक को भविष्य में कभी न कभी वेंटीलेटर की आवश्यकता रहेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि देश में पहली बार किसी सरकार ने बजट ‘टैब’ से पेश किया है जबकि यह कोरा झूठ है क्योंकि खुद मुख्यमंत्री बजट के पन्ने पलटते हुए नजर आए। मुख्यमंत्री का यह दावा कि पांच सालों में राजस्व घाटा शून्य पर लाने का प्रयास करेंगे, खोखला है क्योंकि इस बारे कोई रोडमैप नहीं दिया गया।
बजट की गरिमा तथा व्यवस्था के मुताबिक बजट के आंकड़ों को गोपनीय रखना होता है परंतु यहां तो सरकार के आबकारी मंत्री ही बजट में प्रस्तावित ‘स्टेट एक्साइज ड्यूटीज’ का 7500 करोड़ रुपए के आंकड़े का खुलासा कई दिन पहले ही कर चुके हैं जिसकी मीडिया में भी काफी चर्चा हुई है। बजट से पहले ये आंकड़े उजागर करना बजट की मर्यादा पर ही एक प्रश्रचिह्न है।

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