Home Breaking हरियाणा के किसानों को तेलंगाना की तर्ज पर मिले 10 हजार की राशि- अभय

हरियाणा के किसानों को तेलंगाना की तर्ज पर मिले 10 हजार की राशि- अभय

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 26 Feb, 2019
भाजपा सरकार द्वारा पेश किया गया बजट इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि खट्टर सरकार के पांच साल के कार्यकाल में प्रदेश की अर्थव्यवस्था लचर हो गई। यह बात नेता विपक्ष अभय सिंह चौटाला ने विधानसभा में बजट पर बोलते हुए अपने अभिभाषण में कही। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आर्थिक मोर्चों पर अपनी विफलता को छुपाने के लिए बजट में कर्ज राशि का ब्योरा नहीं दिया। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि वित्तीय बजट पर 28 प्रतिशत भाग वेतन, पेंशन और कर्ज के ब्याज की अदायगी में खर्च किया जा रहा है।
नेता विपक्ष ने बजट में कृषि क्षेत्र की उपेक्षा करने और प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ाने के लिए वित्तमंत्री व भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना भी की। उन्होंने सरकार से मांग की कि तेलंगाना की तर्ज पर प्रदेश के हर किसान को प्रति एकड़ 10 हजार रुपए बुआई के लिए भुगतान किया जाए।
नेता विपक्ष ने कहा कि इस बजट में प्रदेश पर लगभग 1 लाख 80 हजार करोड़ का कर्ज दिखाया जो पिछले वर्ष के मुकाबले ये 19 हजार करोड़ बढ़ा है। हकीकत यह है कि इस कर्ज का लगभग 1 लाख 9 हजार करोड़ भाजपा सरकार के 5 साल के कार्यकाल में ही बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है जबकि सच्चाई वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए आंकड़ों से अलग है।
अभय सिंह चौटाला ने यह भी कहा कि जहां एक ओर तो केंद्र की सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कहती है वहीं प्रदेश की भाजपा सरकार कृषि क्षेत्र के पूंजीगत खर्चे में 22 करोड़ रुपए की कटौती करती है। भाजपा सरकार की प्राथमिकता में देश व प्रदेश का किसान है, यह केवल छलावा है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल 2018-19 के बजट में कृषि क्षेत्र के पूंजीगत खर्चे पर 70 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान था जो इस बजट में घटाकर केवल 48 करोड़ कर दिया है वहीं पिछले साल कृषि क्षेत्र के लिए कुल बजट में 12.22 प्रतिशत का प्रावधान किया गया था जो इस बार कम कर 10.31 प्रतिशत कर दिया गया है।
शिक्षा के बजट में की गई कटौती पर भी नेता विपक्ष ने चिंता व्यक्त  करते हुए कहा कि प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में लगभग 40 हजार पद रिक्त पड़े हुए हैं। उन पदों को भरने का प्रावधान करने की बजाए सरकार ने मौजूदा बजट में शिक्षा क्षेत्र पर खर्च किए जाने वाले मदों में ही कटौती कर दी है। जहां इस साल शिक्षा का बजट 1.31 प्रतिशत घटा दिया है वहीं स्वास्थ्य और समाज कल्याण के मदों को भी 4.14 प्रतिशत से 3.81 और 5.87 से घटाकर 4.63 प्रतिशत कर दिया है।
नेता विपक्ष ने सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सोनीपत नगर निगम भवन निर्माण में अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा लगभग दोगुनी राशि का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि जिस कार्य के लिए 6 करोड़ 62 लाख रुपए का भुगतान होना था उसके लिए सरकार ने दिल्ली स्टेट रेट के तहत 12 करोड़ 8 लाख का भुगतान किया है जो कि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार है।
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