दिग्विजय-दुष्यंत ने दादा की पीठ में घोपा छुरा: अभय सिंह चौटाला

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Yuva Haryana

Jind, 22, Jan, 2019

दुष्यंत-दिग्विजय और केजरीवाल ने षड्यंत्र के तहत इनेलो सुप्रीमो चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की फरलो रद्द करवाई है। यह बात नेता विपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने यह भी कहा कि वह षड्यंत्र का पर्दाफाश करने के लिए गृह मंत्री से इसकी जांच की मांग करेंगे ताकि षड्यंत्रकारियों को बेनकाब किया जा सके। इनेलो सुप्रीमो के साथ कोई ना-इंसाफी को लेकर वह न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

उन्होंने दिग्विजय-दुष्यंत को औरंगजेब की संज्ञा देते हुए कहा कि दादा की पीठ में छुरा घोंपकर जेल भेजने का जो काम इन दोनों ने किया है, ऐसा ही इतिहास में औरंगजेब ने अपने पिता को जेल में डालकर किया था।

अभय सिंह चौटाला ने कहा कि 16 जनवरी को ओमप्रकाश चौटाला के फरलो की अर्जी लगाई थी जिसको 17 जनवरी डीजी ने मंजूर कर दिया था और शर्त लगाई थी कि वह तेजा खेड़ा फार्म पर ही रहेंगे और सप्ताह में एक बार पुलिस स्टेशन में उपस्थिति दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि 19 जनवरी को जेल प्रशासन ने फिर एक चिट्ठी लिख कहा कि वे किसी भी राजनैतिक कार्यक्रम में भाग नहीं ले सकते। इसके बाद एक तीसरी चिट्ठी होम मिनिस्ट्री की तरफ से लिखी गई जिसमें कहा गया कि उनके खिलाफ कोई साजिश नहीं की गई और उन्हें 28 तारीख को फरलो दी जाएगी।

नेता विपक्ष ने दिल्ली सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि फरलो के मामले में तिहाड़ में बंद अन्य कैदियों पर उस तरह के नियम लागू नहीं किए जाते हैं जो इनेलो सुप्रीमो पर किए गए। पिछले दिनों अजय सिंह चौटाला को चुनावी दिनों में फरलो पर आए और उन्हें राजनैतिक सभाएं भी की। दिल्ली सरकार के दोहरे व्यवहार से स्पष्ट है कि यह ओमप्रकाश चौटाला को जींद चुनाव में आने से रोकने की साजिश थी।

नेता विपक्ष ने कहा कि जेल प्रशासन ने इनेलो सुप्रीमो की फरलो खारिज करने के पीछे यह दलील दी है कि उनके खिलाफ शिकायत याचिका आई है जिसके चलते ऐसा किया गया लेकिन उस याचिका पर न तो किसी का नाम है और वह फरलो के दो दिन बाद 21 जनवरी को जेल प्रशासन को मिली। उन्होंने जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि यह याचिका खुद प्रशासन द्वारा ही लिखी गई है। यह याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस के नाम है। बिना उन्हें मिले यह याचिका जेल प्रशासन कैसे पहुंची, यह अपने आप में एक सवाल है जो षड्यंत्र को दर्शाता है।

अभय सिंह चौटाला ने ओमप्रकाश चौटाला के मीडिया में दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा कि उनके बयान से स्पष्ट हो गया है कि दिग्विजय और दुष्यंत ने केजरीवाल के साथ मिलकर उनकी पीठ में छुरा घोंपा है व गद्दारी की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जो लोग उनके नाम का सहारा लेकर आशीर्वाद प्राप्त होने की बात करते थे वह सब निराधार है।

नेता विपक्ष ने कहा कि जिन्होंने मेरे पिता के खिलाफ षड्यंत्र रचा है वह उनके साथ अब किसी तरह का पारिवारिक रिश्ता नहीं रखेंगे। उन्होंने चौटाला परिवार व इनेलो में छिड़ी कलह की जड़ नैना चौटाला को बताते हुए कहा कि मिसेज अजय चौटाला ने अपने दोनों बेटों के साथ मिलकर मेरे माता-पिता को दु:ख देने का काम किया है जिसके चलते वह उनसे सभी प्रकार के राजनैतिक व पारिवारिक रिश्तों का विच्छेद करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दिनों इन लोगों उनके बारे में कई भ्रामक प्रचार किए। यदि ‘मैं इतना ही बुरा था तो 35 साल मेरे साथ कैसे रहे?’

अभय सिंह चौटाला ने नैना चौटाला को चेतावनी दी कि पिछले चुनाव में इनेलो उनके साथ थी, इस बार विधानसभा चुनाव लडक़र दिखाएं, उनकी जमानत जब्त हो जाएगी। दिग्विजय और दुष्यंत को नसीहत करते हुए उन्होंने कहा कि नाम से चौटाला हटा लें तो लोग उनको उनकी औकात दिखा देंगे।

पे्रसवार्ता के दौरान भावुक हुए अभय सिंह चौटाला इनेलो सुप्रीमो की अपील को भी जींद की जनता के लिए पढक़र सुनाया जिसमें चौटाला साहब ने कहा है कि अगर जींद की जनता मेरे ऊपर विश्वास करती है तो एक बार मेरे उम्मीदवार उमदे सिंह रेढू को जिताकर भेजें ताकि जिन लोगों ने गद्दारी की है उनको सबक सिखा सकें।

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