अजय चौटाला के बाद ओम प्रकाश चौटाला भी जेल से आए बाहर, अब मई-जून की गर्मी में बढ़ेगा सियासी पारा

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 24 May, 2018

जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले में जेल की सजा काट रहे पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला फिर से जेल से बाहर आ गए हैं, वो 14 दिनों की पैरोल पर तिहाड़ जेल से बाहर आए हैं। माना जा रहा है कि इन 14 दिनों में ओमप्रकाश चौटाला कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात कर सकते हैं, वहीं घरेलू कामों को निपटाने की भी कोशिश करेंगे।

अजय सिंह चौटाला भी फिलहाल जेल से बाहर हैं, वो अलग-अलग जगहों पर जाकर कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात कर रहे हैं।

वहीं बताया जा रहा है कि हरियाणा के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार के एक और युवराज को शादी के बंधन में बांधने की तैयारी चल रही है। अजय सिंह चौटाला के बड़े बेटे दुष्यंत चौटाला की शादी को जहां हाल ही में एक साल पूरा हुआ है, वहीं अब उनके छोटे बेटे दिग्विजय के लिए भी चौटाला परिवार योग्य जीवनसाथी तलाश रहा है।

25 वर्षीय दिग्विजय चौटाला इनेलो की छात्र इकाई इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और कुछ सालों से पार्टी की गतिविधियों से सक्रिय रूप से जुड़े हैं। विदेश में पढ़ाई कर चुके दिग्विजय दादा और पिता को सजा होने के बाद से दिल्ली में ही रह रहे हैं। राजनीतिक रूप से वे भिवानी लोकसभा क्षेत्र और उनकी मां नैना चौटाला के विधानसभा क्षेत्र डबवाली में ज्यादा वक्त बिताते हैं और इनसो की गतिविधियां तो प्रदेश भर में चलती ही रहती हैं।

पिछले वीरवार को अजय चौटाला के 21 दिन की छुट्टी पर आने के बाद अब ओमप्रकाश चौटाला भी 14 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आ गए हैं। दोनों ही हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ आदि जगह जाने के लिए स्वतंत्र होंगे और चर्चा है कि परिवार के सदस्य एक साथ कुछ रिश्ते देखने जाएंगे। पैरोल पाने के लिए दोनों की तरफ से अदालत में दी गई अलग-अलग अपील में यही कारण बताया गया था कि उन्हें पारिवारिक जिम्मेदारी निभाते हुए दिग्विजय के लिए रिश्ता देखना है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा इस बात को लेकर भी है कि चौटाला परिवार अगले साल होने वाले चुनावों को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय भी लेना चाहेगा। बसपा से इनेलो का गठबंधन होने के बाद भी ये दोनों नेता पहली बार बाहर होंगे तो उस विषय पर भी सीटों के बंटवारे आदि को लेकर बात आगे बढ़ सकती है।

चौटाला परिवार का दो हफ्ते के लिए इकट्ठा होना हरियाणा की मई-जून की गर्मी का तापमान राजनीतिक रूप से और बढ़ा सकता है।

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