Home Breaking हवाई सफर के लिए अभी दो महीने का लगेगा वक्त, हवाई चप्पल वाले भी कर सकेंगे सफर

हवाई सफर के लिए अभी दो महीने का लगेगा वक्त, हवाई चप्पल वाले भी कर सकेंगे सफर

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Yuva Haryana
Chandigarh, 17 August, 2018

हिसार एयरपोर्ट का मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 15 अगस्त को विधिवत्त रुप से उद्घाटन कर दिया। इसके साथ ही अब हरियाणा के लोग इस एयरपोर्ट के जरिये अपनी उड़ान भर सकते हैं। लेकिन इस उड़ान में अभी करीब दो माह का वक्त लगने की संभावना है। हवाई अड्डे का पूरा काम होने में अभी वक्त लगेगा, जिसके बाद ही यहां से उड़ान भरेगी।

जानकारी के मुताबिक हिसार हवाई अड्डे से सप्ताह में छह उड़ानें होगी। इसके लिए पिनाकल एयरवेज लिमिटेड की तरफ से एक सप्ताह में छह उड़ानें यहा से भरी जाएगी। हिसार से चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए लगभग 1450 रुपये का किराया होगा। जबकि 2800 से 3000 रुपये वाईव्ल गैप फंडिग(वीजीएफ) हरियाणा की ओर से दिया जाएगा। सरकार की ओर से यह राशि प्रधानमंत्री की हवाई चप्पल वाला भी यात्रा करे हवाई जहाज में उड़ान योजना के तहत दिया जाएगा।

हरियाणा के इतिहास में 72वां स्वतंत्रता दिवस स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हिसार में राज्य के पहले  हवाई  अड्डे का शुभारंभ किया और कहा कि दूसरे व तीसरे चरण में यहां पर कारगो ट्रिमिनल, एमआरओ, फलाईंग कल्ब यहां तक की ऐयरो डिफैंस यूनिवर्सिटी भी खोली जाएगी। इसके  अलावा, उन्होंने कहा कि दिल्ली व हिसार को हाई स्पीड रेल कैनक्टिविटी तथा नियंत्रित एक्सप्रेसवे से जोडऩे की योजनाओं पर भी प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में क्षेत्रीय हवाई कनैक्टिवीटि बढाने के लिए घरेलू हवाई नेटवर्क योजना उड़ान के तहत हिसार में तीन चरणों में समेकित हवाई अड्डा विकसित किया जा रहा है। जिसका पहले चरण का आज मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिसार का हवाई अड्डे के लिए पूर्व में कई राजनीतिक पार्टियों ने वायदे किए थे, परंतु किसी ने इसको गंभीरता से नहीं लिया। जब वर्तमान सरकार ने इस योजना को सीरे चढाना शुरू किया तो कुछ नेता राजनीति से इस्तीफा देने तक की बात कहने लगे थे। वे इस्तीफा देने की बजाए हिसार आकर हवाई अड्डा को देखें।

उन्होंने बताया इंदिरा गांधी अंतर्राष्टीय हवाई अड्डा नई दिल्ली में वायु यातायात के दबाव को कम करने में हिसार का हवाई अड्डा एक वैकल्पिक हवाई अड्डे के रूप में सबसे उपयुक्त स्थल होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे भी वर्ष 2009 में पूरा हो जाना चाहिए था, परंतु उस समय की सरकार ने इसको उलझा का रखा। हमने ही इसको पूरा किया है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डा व एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से औद्योगिक विकास के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नये-नये अवसर भी सृजत होंगे।

 

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