Home Breaking याचना नहीं अब रण होगा, हिंसा का जिम्मेवार दुर्योधन होगा और वही धराशायी होगा -अजय सिंह चौटाला

याचना नहीं अब रण होगा, हिंसा का जिम्मेवार दुर्योधन होगा और वही धराशायी होगा -अजय सिंह चौटाला

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Yuva Haryana, Bhiwani

इनेलो में मचे हंगामे के बाद हरियाणा दौरे पर निकले अजय सिंह चौटाला मंगलवार दोपहर बाद भिवानी पहुंचे। यहां पर उन्होंने अभय सिंह चौटाला को इशारों ही इशारों में महाभारत का दुर्योधन बताया और कहा कि अब याचना नहीं, अब रण होगा और दुर्योधन धराशायी व हिंसा का जिम्मेवार होगा।

अजय सिंह चौटाला ने सबसे पहले दीपावली की शुभकामनाएं दी और फिर अभय सिंह चौटाला द्वारा कुछ कार्यक्रताओं को कांग्रेसी कहने पर इशारों ही इशारों में पलटवार किया। अजय चौटाला ने कहा कि कांग्रेसी कहने वालों की आंखें भी नहीं खुली थी, तब से पहले बहुत से कार्यकर्ता पीढी दर पीढी इनेलो से जुड़े हैं और पार्टी के लिए उन्होने अपने बच्चों के मुंह के निवाले व खून पसीने की मेहनत लगाई है। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं 40 सालों से राजनीति में हूं। इस दौरान उन्ही लोगों ने बहुत से कार्यकर्ताओं को मीटिंगों व मंचो पर, गली-मौहल्लों में डराया धमकाया। वो कार्यकर्ता मेरे पास आए और मेरे कहने पर उन्होंने खून के घूंट पिए, पर अब ऐसा नहीं होगा। कार्यकर्ताओं के मान सम्मान के साथ समझौता नहीं होने देगें।
अजय चौटाला ने कहा जिला स्तर पर बैठकों के बाद 17 को देवीलाल की कर्मभूमि जीन्द में रैली कर बड़ा फैसला लिया जाएगा और उसी दिन वहीं प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी। अजय ने कहा कि जनशक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है जो आसमां से सितारों को तोड़ कर जमी पर और जमीन के जर्रे को आसमां में चढ़ा कर पताका के रूप में फहरा सकती है।
उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश चौटाला अपने भाषणों में महाभारत का उदाहरण देते हैं जिसमें पांडवों द्वारा दुर्योधन से पांच गांव मांगने पर मना किया था। अजय ने कहा कि उसके बाद याचना नहीं, रण हुआ और दुर्योधन धराशायी और हिंसा का जिम्मेवार बना।
इस दौरान अपने पिता के साथ पहुंचे दिग्विजय सिंह ने कहा कि अब सत्ता व राजनीति में लोगों को डराने धमकाने वाले नहीं, बल्कि विनम्र लोग आएंगें।
अभय चौटाला द्वारा कुछ रोज पहले इनेलो सरकार में भिवानी में दिए रोजगार पर कहा था कि ये रोजगार ना मैंने, ना किसी और ने दिए, बल्कि ओमप्रकाश चौटाला ने दिए। इस सवाल पर दिग्विजय ने कहा कि हम अभय का सम्मान करते हैं पर ऐसे बयान देना कोई बड़प्पन नहीं, बल्कि यहां के लोगों के दर्द को बढ़ाना है।
उन्होंने नई पार्टी की संभावनाओं को नकारते हुए कहा कि नई पार्टी की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि ये चश्मा, झंडा व पार्टी हमारी है। साथ ही उन्होन कहा कि ओमप्रकाश चौटाला ने हमे नहीं निकाला, लेकिन ऐसा करने वालों को हम बख्शेंगे नहीं। वहीं नारों को लेकर विवाद के सवाल पर दिग्विजय ने कहा कि नारे मुर्दों के नहीं, जिंदा लोगों के लगते हैं और आगे भी लगते रहेंगें।
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