लोगों पर रौब झाड़ने वाली पुलिस पर अब कसा जाएगा शिकंजा, पीड़ित के शपथ पत्र पर होगा तुरंत एक्शन

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Yuva Haryana

Chandigarh, 1 March, 2019

अब तक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आम जनता की आने वाली शिकायतों की जांच खुद महकमा करता था। ऐसे में आरोपियों को महकमें का फायदा मिलने के आरोप भी लगते रहें है। लेकिन अब प्राधिकरण पीड़ित के अक शपथ पत्र पर एक्शन लेगा। पिछले करीब पांच साल से निष्क्रिय हरियाणा पुलिस शिकायत प्राधिकरण को सरकार ने सक्रिय कर दिया है।

रिटायर्ड आईएएस रामनिवास को इसका चेयरमैन नियुक्त किया गया। रामनिवास होम सेक्रेटरी भी रह चुके हैं और पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में जानते हैं। रामनिवास ने कार्यभार संभाल लिया है, लेकिन प्राधिकरण के कागजों पर चढ़ी धूल हटने और बिल्डिंग की मरम्मत के बाद पूरे रोल में आएंगे।

ऐसे कर सकेंगे शिकायत

प्राधिकरण अगले एक महीने में पूरी तरह काम करने लगेगा। इसका ऑफिस चंडीगढ़ के सेक्टर- 9 में होगा। अभी बिल्डिंग का काम पूरा होने तक चेयरमैन रामनिवास सचिवालय में ही बैठेंगे। उनका कार्यकाल 3 साल का होगा। रामनिवास के अलावा प्रधिकरण में तीन और सदस्य होंगे, जिन्हें जल्द ही चुना जाएगा। जल्द शिकायत करने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी दी दाएगी।

बता दें कि प्रदेश में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्रदेश में हर साल 450 से 488 तक केस आ रहे हैं। प्रदेश में करीब 45 हजार पुलिस अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं।

हरियाणा पुलिस शिकायत प्राधिकरण के पास सिविल कोर्ट की पावर भी होगी। प्राधिकरण पुलिस के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों की पहले प्राथमिक जांच करेगा। अगर सबूत ठीक पाए जाते हैं तो पूरी जांच होगी। इसमें दोनों पक्ष सम्मन देकर बुलाए जाएंगे और सिविल कोर्ट की तरह दोनों पक्षों की सुनवाई होगी।

कर्मचारी और अधिकारी के दोषी पाए जाने पर आयोग सरकार को संबंधित के खिलाफ एफआईआर या अन्य कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगा। आयोग कार्यवाही के लिए पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों को भी सिफारिश कर सकता है।

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