अनिल विज के आगे झुकी सरकार, अंबाला नगर निगम को किया भंग

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हरियाणा सरकार ने अंबाला नगर निगम को भंग कर दिया है। कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लग गई। पंचकूला नगर निगम पर अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है। अंबाला नगर निगम को भंग करने की अधिसूचना जारी होने के बाद अंबाला शहर और अंबाला छावनी में पहले की तरह अलग-अलग नगर परिषद काम करेंगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में अंबाला नगर निगम को भंग करने का निर्णय किया गया। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अंबाला नगर निगम भंग करने की पैरवी पिछले काफी समय से कर रहे थे। उनकी मौजूदगी में हुई बैठक में बताया गया कि अंबाला शहर और अंबाला छावनी के लिए अलग-अलग नगर परिषद बनने से लोगों को अपने काम कराने में आसानी होगी। छावनी के लोगों को अब अपने कामों के लिए अंबाला शहर में बने नगर निगम कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा।

अंबाला छावनी नगर निगम कार्यालय अंबाला शहर से 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जनगणना 2001 और 2011 के अनुसार अंबाला शहर क्षेत्र की जनसंख्या 1,39,279 और 1,95,153 थी। इन दो वर्षों के लिए अंबाला छावनी क्षेत्र की जनसंख्या 1,06,568 और 1,70,223 थी।

अंबाला नगर निगम को जारी रखना आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं था। वित्त वर्ष 2016-17 के लिए नगर निगम अंबाला की आय 51.15 करोड़ रुपये थी। दूसरी तरफ उसका अपने स्वयं के प्रतिष्ठान प्रभारों जैसे कर्मचारियों का वेतन, भविष्य निधि शेयर, पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य स्थानीय एवं अनिवार्य दायित्व निभाने पर निगम का खर्च 51.19 करोड़ रुपये था, जो कि आय का 100.08 फीसदी है।

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