Home Breaking बहादुरगढ़ में खुलकर सामने आई कांग्रेस की गुटबाजी, दीपेंद्र हुड्डा के चुनावी कार्यालय के उद्धघाटन के दौरान जमकर हुई बहस

बहादुरगढ़ में खुलकर सामने आई कांग्रेस की गुटबाजी, दीपेंद्र हुड्डा के चुनावी कार्यालय के उद्धघाटन के दौरान जमकर हुई बहस

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Pradeep Dhankhar, Yuva Haryana

Bahadurgarh, 25 April, 2019

बहादुरगढ़ कांग्रेस की गुटबाजी कांग्रेसी उम्मीदवार दीपेन्द्र हुड्डा पर भारी पड़ने वाली है। दीपेन्द्र हुड्डा के चुनावी कार्यालय के उद्घाटन पर कांग्रेस के गुटों में जमकर तू तू मैं मैं हुई है। कांग्रेसी उम्मीदवार राजेन्द्र जून के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले राजेश जून भी अब कांग्रेसी हो गये हैं।

अशोक तंवर गुट के कांग्रेसी राजेश जून ने सबसे पहले गुटबाजी को हवा दी। राजेश जून के समर्थकों ने कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर दीपेन्द्र हुडा की जगह राजेश जून के नाम की तख्तियां लहरानी शुरू कर दी। हालांकि इस मामले को कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने ज्यादा तवज्जो भी नहीं दी।

लेकिन जैसे ही पूर्व विधायक राजेन्द्र जून की समर्थक महिला गुड्डी ने राजेन्द्र जून की बड़ाई करनी शुरू की, वैसे ही राजेश जून और दूसरे कांग्रेसी भड़क गये। राजेन्द्र जून के साथ विरोधियों ने जमकर तू तू मैं मैं भी की । हालांकि राजेन्द्र जून ने मंच से ही माता रानी की कसम खाकर ये भी कहा कि उन्होंने किसी से अपनी बड़ाई करने को नहीं कहा।

राजेन्द्र जून ने कहा कि सिर्फ दीपेन्द्र और भूपेन्द्र हुड्डा के ही नारे लगाने हैं। वहीं राजेश जून से जब तख्तियां लहराने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जिसके पास आदमी होंगे, वो तो दिखायेगा ही क्योंकि राजनीति में अपनी ताकत दिखानी जरूरी होती है। तो महाशय जब राजेन्द्र जून की तारीफ उनकी समर्थक महिला कर रही थी तब शायद आप ये राजनीतिक ताकत वाली शब्दावली भूल गये होंगे।

सांसद दीपेन्द्र हुडा के प्रचार से ज्यादा विधायक की टिकट के दावेदारों की गुटबाजी से सांसद दीपेन्द्र हुड्डा के प्रतिनिधी संदीप दहिया भी नाराज हो गये। उन्होंने भी मंच से कहा कि इस तरह की बातें बर्दाश्त नहीं की जायेगी। बहरहाल पूरी घटना का निचोड़ ये हैं कि बहादुरगढ़ में इस समय पूर्व विधायक होने के नाते राजेन्द्र जून कांग्रेस का बड़ा चेहरा है, लेकिन उनके अलावा कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ने और फिर अशोक तंवर गुट से कांग्रेस में वापसी करने वाले राजेश जून, पूर्व चेयरमैन रवि खत्री, वर्तमान नगर परिषद चेयरमैन शीला राठी समेत कई नेता ऐसे हैं जो राजेन्द्र जून की बड़ाई किसी सूरत में बर्दाश्त करने को तैयार नही है। इसी गुटबाजी के कारण अब शहर में ये चर्चायें हैं कि कहीं इसका नुकसान दीपेन्द्र को तो नहीं उठाना पड़ेगा।

 

 

 

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