Home Breaking भाजपा और इनेलो के नेता अपने बड़े नेताओं की कारगुजारियों से परेशान, कांग्रेस में होना चाहते हैं शामिल- तंवर

भाजपा और इनेलो के नेता अपने बड़े नेताओं की कारगुजारियों से परेशान, कांग्रेस में होना चाहते हैं शामिल- तंवर

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 04 August, 2018

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर ने कहा है कि भाजपा ने हरियाणा में गाय, गीता और सरस्वती और देश में राम मंदिर के नाम पर लोगों को बहकाने की विचारधारा से समाज में दूरिंया बढ़ाई हैं और समाज को जाति-धर्म के नाम पर खोखला किया है। भाजपा जाति-धर्म की राजनति केवल सत्ता हथियाने के लिए करती है।

उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों में हरियाणा की खट्टर सरकार के प्रति भारी रोष है और वे बदलाव चाहते हैं। कांग्रेस पार्टी जनता की कठिनाइयों को भलीभांति समझती है और राहुल गांधी के नेतृत्व में सत्ता में आने के बाद सभी वर्गों की आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

आज शाहबाद में आयोजित ‘सद्भावना रैली’ में बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस रैली का उद्देश्य समाज में एक बार फिर से भाईचारे और सद्भाव की स्थापना करना है जिन्हें बीते चार वर्षों में देश और प्रदेश की भाजपा सरकारों ने अपनी संकीर्ण मानसिकता के कारण समाज को बांटने की कुचेष्टा की है। डॉ. तंवर ने कहा कि आज सारे देश में भय और असुरक्षा की भावना फैली हुई है। अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं, अल्पसंख्यकों, दलितों और कमजोर वर्गों पर जो अत्याचार हो रहे हैं उन मामलों का फास्ट ट्रेक कोर्ट द्वारा निपटारा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से सभी वर्गों को बराबरी देने के लिए कटिबद्ध रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक डूबता हुआ जहाज और ऐसे जहाज में कौन चढऩा चाहेगा। आज देश व प्रदेश में कांग्रेस की प्रचंड आंधी चल रही है, जनविरोधी भाजपा को उखाडऩे का संकल्प की मजबूती इसी बात से साफ हो रही है कि भाजपा और उसकी बी टीम इनेलो के बड़े-बड़े नेता अपने-अपने दलों की कारगुजारियों से आजिज आकर कांग्रेस में शामिल होने को तैयार हैं।

डॉ. तंवर ने कहा कि ‘हरियाणा बचाओ-परिर्वतन लाओ’ साइकिल यात्रा कोई साधारण यात्रा न रहकर इसने एक जन-आंदोलन का रूप धारण कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह साइकिल यात्रा अब तक हरियाणा की 24 विधान सभा क्षेत्रों को क्वर कर चुकी है और अब यह सइकिल से सरकार तक की यात्रा बन गई है। इन क्षेत्रों के लोगों के जितना सहयोग और स्नेह इस यात्रा के प्रति दिखाया है उससे यह कहने में कोई अतिशियोक्ति नहीं होगी कि इन 24 विधान सभा क्षेत्रों में भाजपा व इनेलों के प्रत्याशियों की जमनाते तक जब्त हो जायेंगी। उन्होंने बताया कि कि इस साइकिल यात्रा को चौथा चरण 21 अगस्त को कुंडली बार्डर से शुरू 24 अगस्त को सोनीपत शहर में समाप्त होगा।

हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा जीरी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में मात्र 200 रूपए की वृद्धि किए जाने को किसानों के साथ एक भद्दा मजाक बताते हुए डॉ. तंवर ने कहा कि यह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि भी आगामी चुनावों को देखते हुए की गई है और सरकारी खजाने पर इसका बोझ केवल 10 हजार करोड़ को होगा, जबकि कनार्टक में कांग्रेस समर्थित सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों के 30 हजार करोड़ के कर्जे माफ कर दिए। डॉ. तंवर ने कहा कि खट्टर सरकार द्वारा पहले तो सरकारी कर्मचारियों को परेशान किया गया और अब चुनाव नजदीक आने पर तीन साल पहले घोषित किए गए सातवें वेतन आयोग की सिफारशें लागू करने का शोशा छोड़ दिया गया है।

सम्मेलन के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए डॉ. तंवर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और विरोधियों को पटखनी देने में सक्षम है। एक पत्रकार द्वारा चुनाव में आम आदमी पार्टी द्वारा हरियाणा में चुनाव लडऩे के बारे में पूछे जाने पर डॉ. तंवर ने कहा कि जिस पार्टी का कोई वजूद न हो, विचारधारा न हो, कोई नीति न हो वह पार्टी क्या चुनाव लड़ेगी। आप पार्टी वाले सिर्फ हवा में ही बाते करते हैं और यह पार्टी हरियाणा में हवा में ही उड़ जायेगी।

छात्र संघ के चुनावों पर पूछे जाने पर डॉ. तंवर ने कहा कि भाजपा सरकार की दोगली नीति है, एक तरफ तो सरकार छात्र संघ कराने की बात करती है और दूसरी ओर मुझे जिसकी राजनीति में उत्पत्ति ही छात्र संघ से ही हुई है, रेवाड़ी के मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में छात्रों से संवाद तक नहीं करने दिया गया। उन्होंने मांग की कि इस विश्वविद्यालय के उपकुलपति और रजिस्ट्रार के विरूद्ध इस निंदनीय कार्यवाही के लिए सरकार को उचित कार्यवाही कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वैसे भी हरियाणा सरकार का छात्र संघ चुनाव का दावा भी ढकोसला ही क्योंकि ये चुनाव अप्रत्यक्ष होंगे, जबकि छात्र संघ के चुनावा दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय आदि की तर्ज पर प्रत्यक्ष होने चाहिए।

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