125 साल पुराने इस स्कूल में पढ़े हैं हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री, अब छत गिरी तो बची बच्चों की जान

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें राजनीति हरियाणा हरियाणा विशेष

Bharat Bhusan Midha, Yuva Haryana
Beri, 28 July, 2018

बेरी में शिक्षा विभाग की लापरवाही से बड़ा हादसा होते होते टल गया। दरअसल बेरी के स्कूल में करीब 125 साल पुराने कंडम कमरे हैं, और इन्ही कमरों में बैठकर करीब 500 बच्चे पढाई करते हैं, लेकिन बारिश के मौसम में अब इन कमरों की मियाद पूरी होती दिखाई दे रही है। कल एक कमरा तो बारिश में गिर भी गया।

गनीमत यह रही कि उस वक्त स्कूल के हालात को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने बच्चों की पहले ही छुट्टी कर दी थी। जब सारे बच्चे स्कूल से निकल चुके थे तो अचानक उसके बाद स्कूल के कमरे की छत गिर गई ।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल की तरफ किसी भी मंत्री, संतरी या अधिकारी का कोई ध्यान नहीं है। बच्चे 125 साल पुराने बने राजकीय सीनियर सेंकेडरी स्कूल में पढ़ने को मजबूर हैं। इस स्कूल की हालत बद से बदत्तर हो चुकी है।

जिस स्कूल में हरियाणा के प्रथम मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा और रक्षा राज्यमंत्री प्रो. शेर सिंह ने पढ़ाई की है, लेकिन अब इस स्कूल की किसी भी अधिकारी या सरकार के नुमाइंदे को चिंता नहीं है।
स्कूल में लाखों रुपये के फिजिक्स, कैमेस्टरी, आईटी और सिक्योरिटी लैब के यंत्र लगे हुए हैं और अब इन लैबों में पानी घुस रहा है। लेकिन स्कूल को नया करवाने की कोई तैयारी नहीं है। पिछले साल भी स्कूल के दो कमरे गिर गए थे।
स्कूल प्रशासन ने इसको लेकर शिक्षा विभाग को पत्र भी लिखा है। स्कूल के चारों तरफ पानी भर जाता है।
स्कूल के प्राचार्य कुलदीप सिंह का कहना है कि शुक्रवार को बारिश को देखते हुए बच्चों की जल्दी छुट्टी कर दी गई थी, पिछले दिनों से हो रही बारिश के वजह से स्कूल के सभी कमरों में सीलन और बाहर जलभराव हो रहा है। जिस वजह से खतरे को भांपते हुए छुट्टी की गई थी।
बताया जा रहा है कि स्कूल की इमारत बनवाने के लिए फाइल चंडीगढ़ लगाई हुई है, लेकिन वो एक साल से कहीं कागजों में ही दब गई है। इसको लेकर पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को भी सूचना दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बताते हैं कि किसी समय इस स्कूल में 1200 बच्चे पढ़ने के लिए आते थे, लेकिन अब इस प्रकार के हालात को देखकर बच्चों ने भी इस स्कूल से मुंह मोड लिया है और अब करीबन 500 छात्र ही इस स्कूल में रह गए हैं।
स्कूल के प्रांगण में बच्चों ने तीन सौ के करीब पौधे भी लगाए थे, लेकिन ज्यादा पानी भरने की वजह से लगाए गए पौधे भी खराब हो गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *