हिसार की बेटी साइना नेहवाल का जन्मदिन आज, छोटी सी उम्र में बनाए बड़े कीर्तिमान

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(युवा हरियाणा)
चंडीगढ़ ( 17 मार्च 2018 )

हरियाणा के हिसार में 17 मार्च 1990, आज ही के दिन भारत की पहली ओलम्पिक मैडल विजेता बैडमिंटन खिलाडी साइना नेहवाल का जन्म हुआ था. आज देश विदेश से साइना को अपने जन्मदिन की बधाईयों का तांता लगा हुआ है।

साइना नेहवाल ने मात्र 15 साल की उम्र में ही साल 2005 में पहली बार इस खिलाड़ी ने बैडमिंटन इतिहास में सनसनी मचा दी थी, जब 9 बार की नेशनल चैंपियन रही अर्पणा पोपट को एशियन सैटेलाइट चैम्पियनशिप में हरा दिया था।

साइना नेहवाल ने अपनी काबिलियत के बल पर देश-विदेश में हरियाणा का नाम चमकाया. जाट परिवार में पैदा हुई साइना नेहवाल के पिता हरवीर सिंह और माता का नाम ऊषा रानी हैं।

साइना नेहवाल के बारे में बात करें तो वो बैडमिंटन ही नहीं बल्कि कराटे में भी ब्राउन बेल्ट हैं और बड़े-बड़े खिलाड़ियों के छक्के छुड़ा देती हैं।

साइना नेहवाल का जन्म हिसार में हुआ था. साइना की शुरुआती पढ़ाई हिसार के Campus School CCS HAU में हुई। बाद में जब परिवार के लोग हैदराबाद शिफ्ट हो गए तो उन्होने 12वीं की पढाई St.Anns College Mehdipatnam से की ।
साइना के माता और पिता दोनों स्टेट लेवल के बैडमिंटन प्लेयर रह चुके है, इसलिए इनके माता और पिता ने भी इनकी खेल में रूचि देखते हुए इन्हें सपोर्ट किया।

साइना नेहवाल ने विश्व की नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम किये हुए हैं. ओलिम्पिक के खेलों में महिला एकल बैडमिंटन का कांस्य पदक जीतने वाली वें देश की पहली महिला खिलाड़ी हैं. 16 साल की उम्र में ही अंडर 19 खिताब जीतने वाली साइना नेहवाल ने अपना अलग ही इतिहास रचा था ।

2011 में इंडोनेशिया ओपन जीतते हुए सुपर सीरीज़ बैडमिंटन प्रतियोगिता का खिताब भी अपने नाम किया और ऐसा करने वाली वो भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाडी बनी।

2012 में उन्होंने स्विस ओपन टाइटल का खिताब भी अपने नाम किया जिसमे उन्होंने उस समय के विश्व की नंबर दो की खिलाड़ी रही वांग शिक्सिऑन को हराकर खिताब अपने नाम किया. दिल्ली में आयोजित किये गये राष्ट्रमंडल खेल में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया. वहीं लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता।

वर्ष 2017 की शुरुआत भी, मलेसिया ओपन ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड खिताब के साथ किया. साल 2018 की शुरुआत भी उन्होंने अच्छी कि और इंडोनेशिया मास्टर्स 2018 के फाइनल तक पहुंची, हालांकि वो फाइनल में नहीं जीत पायी थी।

2010 में नेहवाल भारत सरकार द्वारा पद्म श्री और भारत के सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित हो चुकीं हैं.
2009 में उन्हें अर्जुन पुरुस्कार से भी नवाजा जा चुका है.
2016 में देश की तीसरी सर्वोच नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी उन्हें सम्मानित किया गया.

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