गोरा बनाने, शक्ति बढाने वाले उत्पादों के विज्ञापन पर लगेगी रोक, 50 लाख तक जुर्माना

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Yuva Haryana, New Delhi

अब आपको शायद दो दिन में गोरा करने, एक सप्ताह में वजन घटाने और बढ़ाने, बुढ़ापे को आने से रोकें, जैसे चमत्कारीक उत्पादों के विज्ञापन देखने को ना मिले। दरअसल केंद्र सरकार उपभोक्ताओं को बेवकूफ बनाने के लिए झूठा दावा करने वाले विज्ञापनों पर रोक को लेकर नया कानून लाने जा रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आपत्तिजनक विज्ञापन अधिनियम 1954 में संशोधन का मसौदा पेश किया है, जिसके तहत चमत्कार के जरिए इलाज करने का दावा करने और गोरा बनाने, लंबाई बढ़ाने, यौन शक्ति बढ़ाने, दिमागी क्षमता बढ़ाने और बुढ़ापा आने से रोकने जैसे विज्ञापन देने पर पांच साल की जेल और 50 लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है।

संशोधन से जुड़े मसौदे में कानून में पहले से मौजूद बीमारियों के अलावा कई अन्य बीमारियों, विकारों, स्थितियों को जोड़ा गया है। इसके मुताबिक, इसमें मौजूद 78 बीमारियों, विकारों तथा स्थितियों को दूर करने का दावा करने वाले उत्पादों का विज्ञापन नहीं किया जाना चाहिए।

इसके तहत जिन बीमारियों के विज्ञापनों को कानून में जोड़ा गया है, उनमें गोरा बनाने, लंबाई बढ़ाने, यौन शक्ति बढ़ाने, नपुसंगता दूर करने, शीघ्रपतन रोकने, एड्स, याददाश्त बढ़ाना, दिमागी क्षमता बढ़ाने, असमय बालों का सफेद होना और बुढ़ापा आने से रोकने सहित कई और स्थितियां हैं।

इस कानून के तहत पहली बार इसका उल्लंघन करने पर छह महीने की जेल या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। दूसरी बार उल्लंघन करने पर एक साल की जेल या जुर्मामा या दोनों का प्रावधान है। अब पेश किए जा रहे संसोधित मसौदे में जुर्माने की रकम को बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया गया है। पहली बार उल्लंघन पर दो साल की जेल और 10 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जबकि अगली बार फिर उल्लंघन करने पर पांच साल की जेल और 50 लाख का तक का जुर्माना हो सकता है।

कानून में इस संशोधन के जरिए प्रिंट मीडिया से बढ़ाकर इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को भी दायरे में लाया जा रहा है।

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