हरियाणा के मोबाइल टावरों और खड़े वाहनों की चोरी करते थे बैटरी, फिर राजस्थान में बेच देते थे

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Ajay Atri, Yuva Haryana
Rewari, 12 Nov, 2018
हरियाणा पुलिस द्वारा मोबाइल टावर, खडे वाहनों व अन्य स्थानों से बैट्री चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड करते हुए इसके 10 सदस्यों को जिला रेवाडी से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए  पुलिस विभाग के अधिकारी ने आज यहां बताया कि बैट्री चोर गिरोह के सदस्यों को कसौला थाना पुलिस ने नाईट डोमिनेशन अभियान के दौरान आसलवास गांव के निकट लूट की योजना बनाते हुए गिरफ्तार किया गया है।
अदालत मे पेश कर आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों ने जिला रेवाडी मे बीस से ज्यादा चोरी की वारदातों का खुलासा किया है। रिमांड के दौरान शुरूआती जांच मे आरोपियों से लाखों रूपये का चोरी किया हुआ माल भी बरामद किया जा चुका है। इस गिरोह के अधिकांश सदस्य पडोसी राज्य राजस्थान के रहने वाले है जिनकी पहचान जिला राजसमंन्द निवासी गणपत, भीलवाडा निवासी ओमा उर्फ ओमप्रकाश व लक्ष्मण, अलवर निवासी आकाश, अजमेर निवासी रत्तन व कान्हा, सोनीपत निवासी मोनू, रेवाडी के बावल निवासी संजय व महेश, गाजियाबाद निवासी शाहिद के रूप मे हुई है।
पुलिस महानिदेशक बी एस संधू ने इस शानदार उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए उपरोक्त अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए रेवाडी पुलिस को बधाई दी है। उन्होने बताया कि जिले मे मोबाइल टावर, खडे वाहनों व अन्य स्थानों से बैट्री चोरी होने की वारदातें सामने आ रही थी। कई बार गिरोह को पकडने के लिए प्रयास किए गए लेकिन, सफलता नाईट डोमिनेशन अभियान के दौरान हाथ लगी। गिरोह के सभी सदस्य पहले रेकी करते थे और उसके बाद रात के समय वारदात को अंजाम देते थे। अकेले रेवाडी जिला के ही थाना बावल क्षेत्र से 4, थाना कसौला क्षेत्र से 3, थाना रोहडाई क्षेत्र से 2, माॅडल टाउन, रामपुरा व सदर थाना क्षेत्र से एक-एक बैट्री चोरी की वारदात को अंजाम दे चुके है। इसके अलावा भी आरोपियों ने कुछ अन्य स्थानों पर वारदाते की है जिनके बारे मे रिमांड के दौरान पूछताछ की जा रही है।
-कटर की मदद से चोरी करते थे बैट्री
गिरोह के सदस्य वाहन के जरिये वारदात स्थल पर पहंुचते थे तथा कटर की मदद से किसी भी वाहन या मोबाइल टावर मे लगी बैट्री को एक झटके मे उखाड कर फरार हो जाते थे। उन्होने बताया कि चोरी के माल को गिरोह एक स्थान पर इक्कठा कर उसके बाद किसी दूसरे राज्य मे ले जाकर बेच देते थे।

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