‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के बाद अब ‘बेटी खेलाओ’ -कैप्टन अभिमन्यु

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उस वक्त जब हरियाणा की बेटियां कॉमनवेल्थ गेम्स में कमाल कर रही हैं, तब हरियाणा सरकार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ-बेटी खेलाओ’ अंतरराष्ट्रीय अभियान की शुरूआत करने जा रहा है।  21 से 24 मई, 2018 तक पंचकूला के सैक्टर 3 स्थित ताऊ देवीलाल खेल परिसर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में फर्स्ट गर्ल्स (सीनियर) इंटरनेशनल टवन्टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता के माध्यम से शुरू किया जाएगा।

इस प्रतियोगिता की ट्राफी का अनावरण हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने आज यहां प्रैस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में किया।

वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हरियाणा की लड़कियां हर क्षेत्र में आगे हैं चाहे वह खेल का मैदान हों, जल, थल व वायुसेना में सेवा करने का जज्बा हो। यहां तक की विश्व की सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भी हरियाणा की लड़कियों ने डंका बजाया है। आस्ट्रेलिया में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में भी 80 प्रतिशत से अधिक स्वर्ण पदक बेटियों ने ही जीते हैं।

उन्होंने कहा कि हॉकी, कुश्ती, निशानेबाजी व भारतोलन में तो हरियाणा की लड़कियों ने पहले ही हरियाणा का नाम विश्व में रोशन किया है और अब क्रिकेट के माध्यम से भी लड़कियां आगे बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि क्रिकेट एक लोकप्रिय खेल है, भले ही यह विश्व के कुछ देशों में खेला जाता हो, परन्तु क्रिकेट प्रत्येक व्यक्ति को अपने साथ कहीं न कहीं जोड़ता है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि क्रिकेट फडरेशन आफ हरियाणा बाहर के देशों व अन्य प्रांतों से आने वाले खिलाडि़यों की रहने व ठहरने की एक ऐसी व्यव्यथा करेंगे कि वे भारत के अतिथि देवो भव: की धारणा को अपने जीवन की एक चिरस्थायी यादगार के रूप में लेकर जाएं और पंचकूला या ट्राइसिटी में अपने आगमन को याद रखें।

 कैप्टन अभिमन्यु ने शहीद भगत सिंह के नाम पर फर्स्ट गर्ल्स (सीनियर) इंटरनेशनल टवन्टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन करवाने के लिए क्रिकेट फडरेशन आफ हरियाणा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह भारत-पाकिस्तान और बंगलादेश मात्र देशों के लिए ही शहीद नहीं हुए थे बल्कि उनकी शहादत को विश्व के इतिहास के स्वर्ण पन्नों में याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह केवल दीवाने क्रांतिकारी ही नहीं थे बल्कि गंभीर विचार के थे। केवल 23 वर्ष की आयु में ही उन्होंने शहीद होने का फैसला लिया। शहीद भगत सिंह कहा था कि सोई हुई भारतीय कौम को जगाने का काम जिंदा भगत सिंह न कर पाता जितना भारतीय कौम को जगाने का काम उनकी शाहदत कर पाएगी और उन्होंने अखंड भारत के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने का फैसला लिया।

 इस अवसर पर कैप्टन अभिमन्यु ने आर्टिटैक्ट, मुक्ता सिंगला व डॉ० रूपाली सलाथिया द्वारा लिखित पुस्तक ‘राइसिंग स्पैल इन वूमन्स क्रिकेट’ का विमोचन भी किया।

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