बजट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा बोले- सिर्फ आंकड़ों का खेल, कुछ नया नहीं

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Yuva Hayana, Chandigarh 

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बजट को नीरस और दिशाहीन बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट ने किसानों और हरियाणा की पूरी तरह अनदेखी है। हरियाणा के लिए बजट में किसी नए रेलवे ट्रैक, एयरपोर्ट, ट्रेन, यूनिवर्सिटी, बड़े उद्योग या संस्थान का जिक्र नहीं है। देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी झेल रहे हरियाणा को किसी बड़ी रोजगार परियोजना की जरूरत थी। लेकिन रोजगार बढ़ाने के लिए लगता है बीजेपी के पास कोई योजना ही नहीं है । इसके अतिरिक्त कर्मचारी, मध्यम वर्ग व गरीब लोगों को न तो इन्कम टैक्स में कोई राहत दी गई है और न ही कोई अन्य राहत प्रदान की गई है।

पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने बजट को बताया नीरस।

किसानों के लिए कोई रियायत नहीं दी।

आंकड़ों की बाजीगरी दिखाकर बजट पेश किया गया।

मौजूदा वित्तीय वर्ष में जीडीपी ग्रोथ 5 फीसदी से भी कम है।

किसान की आमदनी को दुगना करने की दिशा में कोई कदम नहीं।

कृषि क्षेत्र का तो सबसे बुरा हाल है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट लक्ष्यों को अमलीजामा पहनाने की योजना पेश करने वाला दस्तावेज होता है। लेकिन कई सालों से आय दोगुनी करने का जुमला उछालने वाली सरकार की किसानों के लिए कोई योजना नजर नहीं आई। पिछली बार बजट में सरकार ने ‘जीरो बजट’ खेती का नया जुमला उछाला था, इस बार तो खेती के लिए बजट ही जीरो कर दिया गया। किसानों की आय दुगुनी करने के लिए बजट में कुछ नहीं है ,हरियाणा में तो किसान को उसकी फसल की एम् एस पी भी नहीं मिल रही। लागत दिनोदिन बढ़ती जा रही है ,बिना कर्ज माफ और लागत के अनुसार फायदेमंद दाम नहीं मिलते तब तक किसान की स्थिति में सुधार नहीं आएगा।इसी प्रकार शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान नहीं दिया गया । ये बजट पूरी तरह नीरस और दिशाहीन बजट है।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान बजट हर बार हरियाणा के लिए बड़ी परियोजनाओं से लबरेज होता था। यूपीए सरकार के दौरान रेवाड़ी-झज्जर-रोहतक, जींद-गोहाना-सोनीपत, हांसी-महम-रोहतक समेत 6 रेलवे लाइन हरियाणा को मिलीं। लेकिन बीजेपी सरकार में आज तक एक भी नई रेल लाइन नहीं बिछी। मंजूरी प्राप्त रेलवे लाइन्स पर भी काम शुरू नहीं किया गया। कांग्रेस सरकार के वक्त डिफेंस यूनिवर्सिटी से लेकर न्यूक्लियर पॉवर प्लांट, एम्स, आईआईएम और आईआईटी परिसर जैसे कई केंद्रीय संस्थान हरियाणा में आए। पंचकूला में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फेशन टेक्नोलॉजी, कुरुक्षेत्र में नेशनल इंस्टीट्यूट और डिजाइनिंग, करनाल में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, सोनीपत में भगत फूल सिंह यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज, रोहतक में आईआईएम, विजुअल एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स यूनिवर्सिटी, फुटवीयर डिजाइन एंड डिवलेपमेंट इंस्टीट्यूट, झज्जर में एम्स, नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में वाईएमसीए यूनिवर्सिटी, रेवाड़ी में इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी, रेवाड़ी सैनिक स्कूल, फतेहाबाद न्यूक्लियर पावर प्लांट समेत 5 नए प्लांट जैसे अनगिनत राष्ट्रीय व् राज्य स्तर के प्रोजेक्ट कांग्रेस सरकार के दौरान हरियाणा में आए। लेकिन बीजेपी सरकार में इस स्तर का एक भी संस्थान नहीं मिल पाया।

यूपीए सरकार में ही हरियाणा के 3 जिलों को मेट्रो से जोड़ा गया। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर समेत पूरे हरियाणा में बड़ी उद्योगिक ईकाइयां लगी, जिससे असीमित रोजगार पैदा हुए। लेकिन बीजेपी सरकार के दौरान किसी बजट में हरियाणा के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ। उल्टे इनकी सरकार के दौरान मंजूरशुदा 6 एयरपोर्ट और रेल कोच फैक्ट्री जैसी बड़ी परियोजना को हरियाणा से दूसरे प्रदेशों में शिफ्ट किया गया। इसलिए केंद्र और हरियाणा सरकार ने हमेशा प्रदेश की जनता की उम्मीदों से खिलवाड़ किया है।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वित्त मंत्री के पूरे बजट भाषण में बमुश्किल एक बार हरियाणा का नाम सुनाई दिया। उनकी तरफ से राखी गढ़ी में म्यूजियम बनाने का ऐलान किया गया। लेकिन पहले भी प्रदेश और केंद्र सरकार की तरफ से म्यूजियम बनाने का

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