हरियाणा में छात्रों में बड़ा झटका, कई सरकारी कॉलेजों में जरुरी विषय बंद

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Sahab Ram, Yuva Haryana

Chandigarh, 05 June, 2018

प्रदेश में सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षा को बढ़ावा देने का दावा किया जा रहा है और प्रदेश में सरकार की तरफ से 31 कॉलेज भी खोले जा रहे हैं तो वहीं छात्रों को झटका देते हुए हरियाणा सरकार अब बड़ा फैसला लेने की फिराक में है।

पूर्ववर्ती सरकारों के समय में खोले एग 59  कॉलेजों में अब कई जरुरी विषयों को बंद करने की तैयारी चल रही है, यानि की सरकार एक तरह से इन कॉलेजों को बंद करने की तैयारी में है।

इसको लेकर अब हरियाणा गवर्नमेंट कॉलेज टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. नरेंद्र सिवाच ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होने कहा कि इस प्रकार से शिक्षा का विस्तारीकरण किया जा रहा है क्या ?

प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाणा के 59 कालेजों में जिनमें गवर्नमेंट कालेज अंबाला कैंट में संस्कृत, कैथल में बीएससी आईटी, अंबाला सिटी कालेज में मैथ और जियोग्राफी, बरवाला जिला पंचकूला के कालेज में संस्कृत, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा विज्ञान, फिजिक्स, केमिस्ट्री, होम साइंस, साइक्लोजी, कालका कालेज में फिलोसफी, म्यूजिक, ज्योलोजी, बोटनी, बीसीए, बीबीए और फिजिकल एजुकेशन, सेक्टर 1 पंचकूला में एंथ्रोपोलोजी, म्यूजिक, संस्कृत, होमसाइंस, बायोटेक, बीएमसी, गवर्नमेंट ग्लर्स कालेज सेक्टर 14 पंचकूला में बीबीए और बीसीए, छछरोली कालेज में ज्योलोजी और बोटनी, सफीदों में बीसीए, पंजाबी, म्यूजिक, बायोटक, बीएससी कंप्यूटर साइंस, डबवाली  में बीएससी कंप्यूटर साइंस, होम साइंस विषय बंद किए जा रहे हैं।

इसी प्रकार आदमपुर कालेज में फिलोसपी, ऐलनाबाद कालेज में मैथ, अंबाला कैंट में पीजीडीजेएमसी, एमएससी कंप्यूटर साइंस, एमए हिस्ट्री, बोढिया खेढ़ा जिला फतेहाबाद के कालेज में बीटीएम, भट्टूकंला में मैथ, नारनौल में बीएससी कंप्यूटर साइंस, सिवानी में मैथ, जींद में बीसीए, रतिया में कंप्यूटर साइंस , मैथ, बीएससी मेडिकल, जीसीडल्ब्यू रतिया कालेज में मैथ, दूजाना में संस्कृत और मैथ, जीसीडब्ल्यू रोहतक में संस्कृत ओनर्स, नेहरू कालेज झज्जर में फिलोसपी, संस्कृत, साइकलोजी, बीबीए, हिस्ट्री, छारा कालेज में बीकॉम, बहादुरगढ़ में म्यूजिक, मोखरा में अर्थशास्त्र और बीकॉम को बंद किया जा रहा है।

इतना ही नहीं सांपला में संस्कृत, जसिया में मैथ और साइकलोजी, बहरोड़ कालेज में मैथ, बहु में मैथ, बीकॉम, दुबलधन में संस्कृत, गर्वनमेंट कालेज सांपला में इकोनोमिक्स, मैथ, बीकॉम, जसौर खेड़ी कालेज में मैथ और बीकॉम, बादली में बीएससी मेडिकल, जीसीडब्ल्यू में मैथेमेटिक्स, जीसीडब्ल्यू बहादुरगढ़ में म्यूजिक, मटकमाजरी जिला करनाल कालेज में बीसीए, बीएससी कंप्यूटर साइंस, एमकॉम और म्यूजिक, जीसी गोहाना में बीबीए और बीसीए, जीसी इसराना में बीएससी नॉन मेडिकल, जीसी बापौली में मैथ, जीसी घरौंडा में मैथ और संस्कृत, जीसी खरखौदा में मैथ, जीसी करनाल में पीजीडी मास कम्यूनिकशेन, जीसी डब्ल्यू पाली में मैथ और बीकॉम, जीसी नारनौल में संस्कृत और इकोनोमिक्स, जीसी कवांली में इकोनोमिक्स और एमए इंगलिश, सेक्टर 9 गुरुग्राम कालेज में पीजीडी मास कम्यूनिकेशन, जीसी नाहर में संस्कृत, मैथ, इकोनोमिक्स, जीसी डब्ल्यू महेंद्रगढ़ में लोक प्रशासन, जीसी पलवल में अर्थशास्त्र, जीसी कृष्ण नगर में बीसीए, ताउड़ू में इकोनोमिक्स और उर्दू विषय को बंद कर दिया है। उर्दू विषय को बंद करने से मेवात के लोग नाराज हैं।

साथ ही जीसीजी गुरुग्राम में एमए म्यूजिक, जीसी नारायणगढ़ में एमए हिस्ट्री, बौंदकलां में इकोनोमिक्स, लोहारू में इकनोमिक्स और जीसीडब्ल्यू लोहारू में इकनोमिक्स, जीसी डब्ल्यू बवानी खेड़ा में मैथ और जीसी भेरिया जिला पेहवा में मैथ विषय को बंद कर दिया गया है।

प्रो. सिवाच ने कहा कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने यह विषय आखिर क्यों बंद किए हैं? विद्यार्थियों को उनके मनपंसद विषय पढऩे से रोका जा रहा है। यह कैसी शिक्षा नीति है? एचजीसीटीए इस नीति का विरोध करता है, एक कालेज में विषय शुरू करवाने में कई वर्ष लग जाते हैं और उस विषय को यूनिवर्सिटी से मान्यता दिलवाने में कालेज का काफी पैसा मान्यता फीस के तौर पर देना होता है। लेकिन, हैरानी की बात है कि सरकार ने यह विषय बंद करने से पहले नहीं तो कोई कमेटी बनाई और नहीं किसी से कोई राय ली।

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