अब हरियाणा कांग्रेस में आने वाला है तूफान, बड़े बदलाव के संकेत

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 14 May, 2018

हरियाणा कांग्रेस में अब तूफान के आसार नजर आने लगे हैं, हाईकमान ने अब जल्द ही हरियाणा में प्रदेश स्तर के सगठनात्मक बदलाव के संकेत दिये हैं।

पिछले कई दिनों से हुड्डा खेमे के नेता दिल्ली में डटे हुए हैं, वहीं खुद भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से कई बार मुलाकात कर चुके हैं, ऐसे में साफ संकेत दिखाए दे रहे हैं।

इधर कर्नाटक चुनाव के चलते हरियाणा में संगठनात्मक बदलाव रुका हुआ था, लेकिन अब 15 मई के बाद बदलाव के पूरे आसार नजर आने लगे हैं।

बताया जा रहा है कि हुड्डा को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए कई कांग्रेस विधायक राहुल गांधी से गुहार लगा चुके हैं, वहीं केंद्र के बडे ओहदे के नेता भी हुड्डा की तरफदारी कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी हरियाणा में सैलजा और हुड्डा की जोड़ी को कमान सौंप सकते हैं, इसमें हर वर्ग को रिझाने की कोशिश होगी। अशोक तंवर की जगह सैलजा को आगे किया जा सकता है।

हरियाणा में फिलहाल कांग्रेस अध्यक्ष पद की कुर्सी दलित नेता के हाथ में हैं, ऐसे में कांग्रेस हाईकमान किसी ऐेसे फार्मूलें पर काम कर रही है जिसे दलित भी नाराज ना हो और दूसरे अन्य वर्ग भी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इसका हल निकालने में जुटे हुए हैं, दलित और अन्य वर्गों के मेल के मिलान के लिए हुड्डा और सैलजा की जोड़ी को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

बताया जा रहा है कि कुलदीप बिश्नोई, कुलदीप शर्मा, कैप्टन अजय यादव समेत कई बड़े कांग्रेसी नेताओं को भी अच्छा पद मिल सकता है।

 

कमलनाथ के मध्यप्रदेश जाने के बाद हरियाणा में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी का पद भी खाली है, इसके लिए हुड्डा खेमे के नेता राजस्थान से पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को हरियाणा भेजने की मांग कर रहे हैं।

हरियाणा में किरण चौधरी कांग्रेस विधायक दल की नेता हैं तो उनका ओहदा अपने आप में बड़ा है, इसलिए किरण चौधरी के पद में बदलाव नहीं होने की संभावना है।

इधर अशोक तंवर 14 फरवरी 2014 से लगातार प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर हैं, वो इससे पहले सिरसा लोकसभा क्षेत्र से सांसद थे. अशोक तंवर की हरियाणा में इंट्री के बाद से लगातार उनके पास कुर्सी रही है, पहले सांसद की और बाद में प्रदेश अध्यक्ष की।

अब हुड्डा खेमे की दिल्ली दरबार में लगातार बढती हाजिरी ने प्रदेश में बदलाव के संकेत दे दिये हैं, इधर कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस को साकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं, इसलिए हरियाणा में भी अपना किला मजबूत करने की कोशिशें तेज कर दी है।

 

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